आतंकी संगठनों से रिश्ते खत्म करे आईएसआई: अमेरिका

अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति बुरहानुद्दीन रब्बानी की हत्या के बाद अमेरिका ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से दो टूक कह दिया है कि वह हक्कानी नेटवर्क और अन्य आतंकवादी संगठनों के साथ अपने रिश्ते को खत्म करे.

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भाषा

  • वाशिंगटन,
  • 21 सितंबर 2011,
  • अपडेटेड 9:18 PM IST

अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति बुरहानुद्दीन रब्बानी की हत्या के बाद अमेरिका ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से दो टूक कह दिया है कि वह हक्कानी नेटवर्क और अन्य आतंकवादी संगठनों के साथ अपने रिश्ते को खत्म करे.

अमेरिकी की ओर से यह भी कहा गया है कि इस्लामाबाद पर जितना संभव हो सकेगा, उतना दबाव बनाया जाएगा ताकि वह अपनी सीमा में आतंकवादी संगठनों पर नियंत्रण स्थापित करे.

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अमेरिका के ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टॉफ के प्रमुख माइक मुलेन ने कहा, ‘आईएसआई लंबे वक्त से परदे के पीछे रहकर आतंकवादी संगठनों का समर्थन कर रही है. मेरा मानना है कि भविष्य में पाकिस्तान को लेकर रणनीतिक रवैया बदलना होगा.’

मुलेन अमेरिकी रक्षा मंत्री लियोन पेनेटा के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि स्पेन में पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल अशफाक कयानी के समक्ष हक्कानी नेटवर्क का मामला मजबूती के साथ उठाया गया था. उधर, पेनेटा ने कहा कि पाकिस्तान पर ज्यादा से ज्यादा दबाव बनाया जाएगा ताकि वह आतंकवादी संगठनों पर नियंत्रण स्थापित करे.

अमेरिकी रक्षा मंत्री लियोन पेनेटा ने सेना के चीफ ऑफ स्टॉफ एडमिरल माइक मुलेन के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘हम अपने सुरक्षा बलों की हिफाजत के लिए हर जरूरी कदम उठाएंगे. मैं इससे जुड़ी रणनीतियों के बारे में बात नहीं करूंगा.’

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पेनेटा ने कहा, ‘फिलहाल हमारी चिंता यह है कि पाकिस्तान पर जितना संभव हो सके उतना दबाव बनाया जाए ताकि वह अपनी सीमा के अंदर आतंकवादी संगठनों पर नियंत्रण स्थापित करे. हमने निरंतर पर इस बात पर जोर दिया है यह (हिंसा) जारी नहीं रह सकती. हम यह नहीं होने देंगे कि हक्कानी नेटवर्क के लोग सीमा पार करके अफगानिस्तान में हमारे सुरक्षा बलों पर हमला करें और फिर अपने सुरक्षित पनाहगार में लौट जाएं.’

हक्कानी नेटवर्क को पिछले दिनों काबुल में अमेरिकी दूतावास पर हमले के लिए जिम्मेदार माना जा रहा है. पाकिस्तान में सक्रिय इस आतंकी संगठन पर अफगानिस्तान के वारदक प्रांत में एक सैन्य ठिकाने पर हमला कर 77 अमेरिकी सैनिकों की हत्या करने का भी आरोप है.

पेनेटा का बयान यह उस वक्त आया है जब मंगलवार को एक आत्मघाती हमलावर ने ‘पगड़ी बम’ के जरिए अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति बुरहानुद्दीन रब्बानी की हत्या कर दी थी. अमेरिकी रक्षा मंत्री ने कहा कि अमेरिका ने तालिबान और अलकायदा के खिलाफ लड़ाई में खासी प्रगति हासिल की है.

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