मच्छरों के काटने से होने वाली जानलेवा बीमारियों में शामिल चिकनगुनिया फीवर से अब लोगों की मौत नहीं होगी. दरअसल, अमेरिकी शोधकर्ताओं ने चिकनगुनिया फीवर का पहला टीका विकसित कर लिया है.
इस वैक्सीन को अमेरिका के यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास मेडिकल ब्रांच के शोधकर्ताओं ने विकसित किया है. शोध की रिपोर्ट जरनल और नेचूरल मेडिसिन में प्रकाशित की गई है. यह दुनिया का पहला वैक्सीन है.
वैक्सीन का सफल परीक्षण करने के बाद शोधकर्ताओं का कहना है कि यह वैक्सीन सिर्फ कीटाणुओं पर अपना असर दिखाती है. यह लोगों के लिए बिल्कुल सुरक्षित है और इससे उनकी सेहत पर कोई गलत प्रभाव नहीं पड़ने वाला.
में यह पाया गया है कि व्यक्ति का इम्यून और प्लेटेलेट्स तेजी से नीचे जाते हैं. ऐसे में यह वैक्सीन मरीज के इम्यून का बचाव करेगा.
चिकनगुनिया टीका प्रभावशाली होने के साथ-साथ किफायती भी है. यह एंटीबॉडी तकरीबन नौ-दस महीनों तक प्रभावशाली रहेगा और मच्छर जनित चिकनगुनिया वायरस से सुरक्षा करेगा.
बता दें कि चिकनगुनिया मच्छरों के काटने की वजह से होता है और इसमें बुखार के साथ जोड़ों में दर्द भी रहता है. इसमें भी शरीर पर लाल चकते निकलते हैं.
मेधा चावला