जब केजरीवाल बोले- मनोज तिवारी गाते अच्छा हैं, आप 'रिंकिया के पापा' सुनना

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि नागरिकता कानून खतरनाक है. शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करना सबका लोकतांत्रिक अधिकार है. कल जो हुआ मैं उसकी निंदा करता हूं. दिल्ली की शांति बरकरार रहनी चाहिए.

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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 16 दिसंबर 2019,
  • अपडेटेड 11:36 PM IST

  • 'फिर 5 साल केजरीवाल' सत्र में दिल्ली के सीएम पहुंचे
  • सीएम बोले- पिछले 5 साल में सबके लिए काम किया

'एजेंडा आजतक' के 8वें संस्करण की शुरुआत हो चुकी है. सोमवार को दिल्ली के ली मेरिडियन होटल में पहले दिन का आखिरी सत्र ‘फिर 5 साल केजरीवाल’ रहा. इसमें दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने शिरकत की. इस दौरान केजरीवाल से जब ये पूछा गया कि क्या आप मनोज तिवारी को एक विरोधी चेहरे के तौर पर देखते हैं तो उनका जवाब  कुछ इस तरह रहा. उन्होंने कहा 'मैंने एक बार और बोला था कि मनोज तिवारी गाते बहुत अच्छा हैं. आप लोगों ने रिंकिया के पापा सुना है, सुनना चाहिए, बहुत अच्छा गाना है.' विरोधी के तौर पर मनोज तिवारी को देखने की बात पर केजरीवाल ने आगे कहा कि हम सिर्फ जनता की लड़ाई लड़ेंगे और जो जनता तय करेगी वही होगा. हमारे लिए जनता महत्वपूर्ण है, हम सिर्फ उसी के लिए लड़ेंगे.

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इससे पहले उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत एक किस्से से की. उन्होंने किस्से का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ दिनों पहले उनके पास एक बीजेपी कार्यकर्ता आया और उसने कहा कि मैं इस बार आपको वोट दूंगा क्योंकि मेरा अकेला बेटा है, उसका भविष्य अंधेरे में नजर आता था. आपने जो सरकारी स्कूलों में बदलाव किया, उससे मुझे उम्मीद मिली है. आपने मेरे बेटे का भविष्य बना दिया. अब अगर मैंने आपको वोट नहीं दिया तो मैं अपने बेटे अपने परिवार के साथ गद्दारी करूंगा. केजरीवाल ने कहा कि हमने पिछले 5 सालों में अपने विरोधियों का दिल जीता है, दुआएं कमाई हैं. हमने पिछले 5 सालों में हमने सबके लिए काम किया है.

जामिया हिंसा के असली गुनाहगारों की पहचान हो

सीएम केजरीवाल ने कहा कि छात्रों की मांग पर सरकार गौर करे. नागरिकता कानून खतरनाक है. शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करना सबका लोकतांत्रिक अधिकार है. कल जो हुआ मैं उसकी निंदा करता हूं. दिल्ली की शांति बरकरार रहनी चाहिए. दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. देश की 22 यूनिवर्सिटी के छात्र सड़कों पर हैं. देश सबसे बड़ी आर्थिक मंदी से गुजर रहा है. 45 साल में बेरोजगारी सबसे ज्यादा है. ऐसे में इस वक्त बिल की कोई जरूरत नहीं थी.

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दिल्ली को साफ करना है लक्ष्य

जब सीएम केजरीवाल से पूछा गया कि आपका वो कौन सा काम है जो आप करना चाहते थे पर कर नहीं पाए. इसके जवाब में केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली को साफ करना चाहता हूं. दिल्ली की टूटी सड़कें और टूटे फुटपाथ देखकर दुख होता है. हमने 40 किमी का एक पायलट प्रोजेक्ट चलाया है. उसके तहत दिल्ली की 40 सड़कों को रिडिजाइन करेंगे. अगर यह सफल रहा तो दिल्ली को साफ-सुथरा और बेहतरीन शहर बनाएंगे.

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