जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय का कैंपस एक बार फिर विरोध और प्रदर्शन की आवाजों से गूंज उठा है. आइसा सेक्रेटरी पर रेप के आरोप के बाद अलग-अलग छात्र संगठन फिर से अपनी चुनावी रोटियां सेकने में लग गए हैं.
एबीवीपी ने सोमवार सुबह से ही आइसा के खिलाफ 'बेखौफ आजादी' नाम से अपनी विरोध की आवाज तेज कर दी. सबसे पहले सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक कॉलेज के हर हॉस्टल के बच्चों से इस मामले के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की गई. इसके बाद दोपहर 3 बजे कार्यकर्तायों ने पर आइसा के खिलाफ जमकर हल्ला बोला और वीसी से अपील की कि वो जल्द से जल्द मामले को अपने संज्ञान में लेकर एक्शन लें.
विरोध का सिलसिला यहीं नहीं थमा. शाम को भी मेस कैंपेन के जरिए हर हॉस्टल के छात्रों से पीड़ित को सपोर्ट करने की अपील की और इस तरह के मामलो से कैंपस को मुक्त कराने के लिए सामने आने को कहा.
डुसू इलेक्शन पास हैं और ऐसे में एबीवीपी इस मामले को पूरी तरीके से भुनाने में लगी हुई है, ताकि आइसा प्रधान जेएनयू कैंपस में एबीवीपी अपना दबदबा बना सके.
लव रघुवंशी / प्रियंका सिंह