कम बारिश से खाद्यान्न उत्पादन पर असर: पवार

केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार ने सोमवार को कहा कि महाराष्ट्र और कर्नाटक में खराब मानसून के कारण पिछले दो वर्षो के रिकॉर्ड फसल उत्पादन के स्तर पर पहुंचना इस वर्ष एक चुनौती होगी.

Advertisement
शरद पवार शरद पवार

आईएएनएस

  • नई दिल्ली,
  • 16 जुलाई 2012,
  • अपडेटेड 8:24 PM IST

केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार ने सोमवार को कहा कि महाराष्ट्र और कर्नाटक में खराब मानसून के कारण पिछले दो वर्षो के रिकॉर्ड फसल उत्पादन के स्तर पर पहुंचना इस वर्ष एक चुनौती होगी.

पवार ने कहा कि मानसून इस वर्ष लुका-छिपी का खेल, खेल रहा है, जिसके कारण पिछले दो वर्षो के शानदार फसल उत्पादन के स्तर को बनाए रखना वाकई में एक चुनौती होगी.

Advertisement

सरकार इस बात को लेकर चिंतित है कि महाराष्ट्र और कर्नाटक तथा आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में कम बारिश से इस वर्ष रवि की फसलों की बुवाई प्रभावित होगी. अधिकारियों ने कहा है कि 2010-11 में खाद्यान्न उत्पादन 23.50 करोड़ टन हुआ था और 2011-12 में 25 करोड़ टन से अधिक उत्पादन की आशा थी.
मानसून की बारिश महत्वपूर्ण है, क्योंकि देश में लगभग 60 प्रतिशत खेती मानसून की बारिश पर ही निर्भर है.

पवार ने कहा कि यह कृषक समुदाय, वैज्ञानिकों और नीतिनियंताओं के लिए समानरूप से लगातार चुनौती बना हुआ है. सरकार मानसून से सम्बंधित किसी भी चुनौती से निपटने के लिए तैयार है.

पवार ने कहा कि विभिन्न फसलों की देर से बोई जाने वाली किस्मों का पर्याप्त बीज भंडार है और इन बीजों को विभिन्न राज्यों में भेज दिया गया है.

Advertisement

पवार ने कहा कि खरीफ के मौसम की दलहनी फसलों के उत्पादन में किसी नुकसान की भरपाई के लिए रबि की दलहनी फसलों के बीजों की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध कराने के लिए भी कदम उठाए गए हैं. पवार ने इस मौके पर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के स्थापना दिवस पर वैज्ञानिकों को पुरस्कार भी प्रदान किए.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement