पारा टीचर्स को नियमित नहीं किया जा सकता

झारखंड के अंशकालिक शिक्षक मामले में गठित विकास आयुक्त डॉ. देवाशीष गुप्ता समिति ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है जिसमें पारा शिक्षकों को स्थाई या नियमित करने की कोई अनुशंसा नहीं की गई हैं.

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झारखंड झारखंड

भाषा

  • रांची,
  • 21 अक्टूबर 2012,
  • अपडेटेड 7:22 AM IST

झारखंड के अंशकालिक शिक्षक मामले में गठित विकास आयुक्त डॉ. देवाशीष गुप्ता समिति ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है जिसमें पारा शिक्षकों को स्थाई या नियमित करने की कोई अनुशंसा नहीं की गई हैं. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि रिपोर्ट में दूसरे राज्यों की तरह यहां भी पारा शिक्षकों के चयन व नियंत्रण को पंचायत स्तर पर विकेन्द्रीकृत करने की वकालत की गई है.

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रिपोर्ट में कहा गया है कि किसी भी राज्य में पारा शिक्षकों को नियमित नहीं किया जा रहा है. समिति ने सुझाव दिया है कि राज्य सरकार बढ़े हुए मानदेय का भुगतान करने से पहले केन्द्र से भी सहमति ले ले, क्योंकि इसका 65 फीसदी हिस्सा केन्द्र सरकार और 35 फीसदी हिस्सा राज्य सरकार को देना है.

शिक्षा व वित्त विभाग ने इस रिपोर्ट की अनुशंसाओं को लागू करने की दिशा में काम शुरू कर दिया है. राज्य कैबिनेट की बैठक में इस पर कोई फैसला होने की उम्मीद थी लेकिन मुख्यमंत्री के जोहार यात्रा से शनिवार के देर शाम रांची पहुंचने के कारण इसकी बैठक स्थगित कर दी गई.

इस रिपोर्ट से राज्य के लगभग अस्सी हजार पारा शिक्षकों में निराशा फैल गयी है और उन्होंने राज्य सरकार से रिपोर्ट को खारिज करने की मांग की है.

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