मिस्र की एक अदालत ने शनिवार को अपदस्थ राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी के 102 समर्थकों को जुलाई 2013 में हिंसा के लिए 10 वर्ष जेल की सजा सुनाई है. सोमवार को मुस्लिम ब्रदरहुड के करीब 700 समर्थकों को अदालत ने मृत्युदंड सुनाया था जिसके अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हंगामा शुरू हो गया और मिस्र की न्याय व्यवस्था की स्वतंत्रता पर सवाल खड़े किए गए. मुर्सी मुस्लिम ब्रदरहुड के ही सदस्य हैं.
काहिरा आपराधिक अदालत ने दो अन्य को पिछले वर्ष जुलाई महीने में काहिरा के अल-दहर में प्रदर्शन के दौरान हिंसा में संलिप्त रहने के आरोप में सात वर्ष जेल की सजा सुनाई है.
प्रदर्शन में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचा था.
पिछले वर्ष जुलाई में सेना ने मुर्सी को अपदस्थ कर दिया था जिसके बाद सैकड़ों प्रदर्शनकारी मारे गए और हजारों अन्य गिरफ्तार किए गए थे.
aajtak.in