एंजेलिक कर्बर बनीं यूएस ओपन चैंपियन, दोहराया स्टेफी ग्राफ का कारनामा

जर्मनी की खिलाड़ी एंजेलिक कर्बर ने 2016 में अपना स्वर्णिम सफर जारी रखते हुए, साल का आखिरी ग्रैंड स्लैम यूएस ओपन अपने नाम किया. इस जीत के साथ ही वो वर्ल्ड नंबर एक टेनिस खिलाड़ी बन गई हैं. एंजेलिक 1996 में स्टेफी ग्राफ के बाद अमेरिकी ओपन जीतने वाली जर्मनी की पहली महिला खिलाड़ी बनीं.

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एंजेलिक कर्बर बनीं यूएस ओपन चैंपियन एंजेलिक कर्बर बनीं यूएस ओपन चैंपियन

अमित रायकवार / BHASHA

  • नई दिल्ली,
  • 11 सितंबर 2016,
  • अपडेटेड 1:29 PM IST

जर्मनी की खिलाड़ी एंजेलिक कर्बर ने 2016 में अपना स्वर्णिम सफर जारी रखते हुए, साल का आखिरी ग्रैंड स्लैम यूएस ओपन अपने नाम किया. इस जीत के साथ ही वो वर्ल्ड नंबर एक टेनिस खिलाड़ी बन गई हैं. एंजेलिक 1996 में स्टेफी ग्राफ के बाद अमेरिकी ओपन जीतने वाली जर्मनी की पहली महिला खिलाड़ी बनीं.


इस साल के शुरू में आस्ट्रेलियाई ओपन जीतने वाली दूसरी वरीयता प्राप्त कर्बर ने चेक गणराज्य की दसवीं वरीय कारोलिना पिलिसकोवा को तीन सेट तक चले कड़े मुकाबले में 6-3, 4-6, 6-4 से हराया. कर्बर ने जीत के बाद कहा, ‘यहां इस साल खिताब जीतना, इसको मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकती. एक साल में दूसरा ग्रैंडस्लैम जीतना शानदार है. यह मेरे करियर का सर्वश्रेष्ठ साल रहा. मैंने पांच साल पहले यहां सेमीफाइनल में पहुंचकर शुरूआत की थी और अब मेरे हाथ में ट्राफी है.'

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बायें हाथ से खेलने वाली 28 साल की कर्बर ने आस्ट्रेलियाई ओपन में सेरेना विलियम्स को हराकर खिताब जीता था. लेकिन विंबलडन फाइनल में वह इस अमेरिकी खिलाड़ी से हार गईं थीं. सेरेना के सेमीफाइनल में पिलिसकोवा के हाथों हारने के साथ ही कर्बर ने अपने लिए वर्ल्ड में नंबर एक स्थान सुरक्षित कर लिया था. सोमवार को रैंकिंग जारी होने पर वह आधिकारिक रूप से नंबर एक खिलाड़ी बन जाएंगी. कर्बर ने कहा, ‘नंबर एक बनना और ग्रैंडस्लैम खिताब जीतना बचपन से मेरा सपना था. यह मेरे लिए बहुत मायने रखता है.'’ पिलिसकोवा इससे पहले कभी किसी ग्रैंडस्लैम के तीसरे दौर से आगे नहीं बढ़ी थी. उन्होंने फाइनल तक की राह में वीनस और फिर सेरेना विलियम्स को हराया. वो एक ग्रैंडस्लैम में दोनों विलियम्स बहनों को हराने वाली चौथी खिलाड़ी हैं.

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जब पिलिसकोवा को आखिरी फोरहैंड बाहर गया कर्बर खुशी से झूम उठीं. वो बाक्स में गईं जहां उनके कोच टोर्बेन बेल्ज बैठे हुए थे और फिर कोर्ट पर लौटी जहां उनकी आंखों से आंसू बहने लगे. कर्बर ने बड़े मैचों में खेलने के अपने अनुभव का पूरा फायदा उठाया. उन्होंने बेसलाइन से अच्छा खेल दिखाया. पहले सेट में वह पिलिसकोवा के डबल फाल्ट की बदौलत सेट प्वाइंट तक पहुंची और फिर फोरहैंड शाट से 44 मिनट में यह सेट अपने नाम किया.


पिलिसकोवा ने इसके बाद अपनी तीखी सर्विस और करारे शाट से कर्बर की कड़ी परीक्षा ली. चेक गणराज्य की खिलाड़ी ने मैच का अपना पहला ब्रेक प्वाइंट लेकर 4-3 से बढ़त बनाई. इसके तीन गेम बाद सेट के लिए सर्विस करते हुए पिलिसकोवा मैच का चौथा ऐस जमाकर सेट प्वाइंट तक पहुंचीं और फिर करारा शाट जमाकर मैच को बराबरी पर ला दिया. कर्बर ने स्वीकार किया कि दूसरे सेट में उन्होंने थोड़ा नकारात्मक खेल दिखाया. इसके बाद उन्होंने तीसरे सेट के शुरू में अपनी सर्विस गंवा दी. लेकिन पिलिसकोवा इसका फायदा नहीं उठा पाई. उन्होंने छठे गेम में दो गलतियां की और कर्बर ब्रेक प्वाइंट लेने में सफल रहीं. जर्मन खिलाड़ी ने इसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा. और साल का आखिरी ग्रैंड स्लैम अपने नाम किया.

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