विश्व महिला मुक्केबाजी: सेमीफाइनल में हारकर भी वर्ल्ड रिकॉर्ड बना गईं मेरीकॉम

भारत की एमसी मेरीकॉम को विश्व महिला मुक्केबाजी चैम्पियनशिप के सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा. शनिवार को 51 किलोग्राम भारवर्ग के सेमीफाइनल में उन्हें तुर्की की बुसेनाज काकिरोग्लू के खिलाफ हार झेलनी पड़ी.

Mary Kom, the most medals for any boxer at the World Boxing Championships
aajtak.in
  • उलान उदे (रूस),
  • 12 अक्टूबर 2019,
  • अपडेटेड 11:41 AM IST

  • मेरीकॉम को इस बार कांस्य पदक से ही संतोष करना पड़ा
  • तुर्की की बुसेनाज काकिरोग्लू के खिलाफ हार झेलनी पड़ी

भारत की एमसी मेरीकॉम को विश्व महिला मुक्केबाजी चैम्पियनशिप के सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा. शनिवार को 51 किलोग्राम भारवर्ग के सेमीफाइनल में उन्हें तुर्की की बुसेनाज काकिरोग्लू के खिलाफ हार झेलनी पड़ी. इस हार के साथ ही छह बार की विश्व चैम्पियन मेरीकॉम को इस बार कांस्य पदक से ही संतोष करना पड़ा. काकिरोग्लू ने भारतीय खिलाड़ी को 4-1 से शिकस्त दी.

मेरीकॉम के नाम रिकॉर्ड 8 पदक

महिला विश्व मुक्केबाजी चैम्पियनशिप में मेरीकॉम का यह 8वां पदक है. उन्होंने क्वार्टर फाइनल में कोलंबिया की इंग्रीट वालेंसिया को 5-0 से हराकर पदक पक्का कर लिया था.

पुरुष और महिला दोनों विश्व चैम्पियनशिप की बात करें, तो मेरीकॉम ने सर्वाधिक 8 पदक अपने नाम कर लिये हैं. यानी महिला या पुरुषों दोनों वर्गों में सर्वाधिक विश्व चैम्पियनशिप पदक अब मेरीकॉम के नाम हैं. उन्होंने पुरुष मुक्केबाज क्यूबा के फेलिक्स सेवॉन (1986-1999) को पीछे छोड़ा, जिनके नाम विश्व चैम्पियनशिप में 7 पदक थे.

विश्व चैम्पियनशिप: सर्वाधिक पदक

1. मेरीकॉम (महिला) - 8 पदक (6 गोल्ड+1 सिल्वर +1 ब्रॉन्ज)

2. फेलिक्स सेवॉन (पुरुष), 7 पदक (6 गोल्ड+ 1 सिल्वर)

3. केटी टेलर (महिला) 6 पदक (5 गोल्ड+ 1 ब्रॉन्ज)

ऐसा रहा सेमीफाइनल मुकाबला

दूसरी सीड काकिरोग्लू के खिलाफ भारतीय खिलाड़ी ने संभलकर शुरुआत की. पहले राउंड में मेरीकॉम ने अपनी प्रतिद्वंद्वी के मूव को परखा और अपना पूरा समय लिया. मेरीकॉम ज्यादा आक्रामक नहीं हुईं और काकिरोग्लू के जैब को भी आसानी से डौज किया.

मेरीकॉम ने दूसरे बाउट में यूरोपीयन चैम्पियन के खिलाफ शुरू से ही अटैकिंग रुख अपनाया. उन्होंने कई जैब और हुक लगाए. भारतीय खिलाड़ी अपने प्रतिद्वंद्वी को कई बार रिंग के पास ले जाने में कामयाब हुई. हालांकि दोनों खिलाड़ियों को ज्यादा सफलता नहीं मिली और मुकाबला कांटे का रहा.

काकिरोग्लू के लिए तीसरे राउंड की शुरुआत बेहतरीन रही. उन्होंने दमदार जैब और हुक लगाते हुए कई महत्वपूर्ण अंक हासिल किए. तुर्की की खिलाड़ी आक्रामक नजर आईं और मेरीकॉम को परेशानी हुई. बाउट खत्म होने के बाद पांच जजों ने काकिरोग्लू के पक्ष में 28-29, 30-27, 29-28, 29-28, 30-27 से फैसला सुनाया.

मेरीकॉम 48 किलोग्राम भारवर्ग में छह बार विश्व चैम्पियन रह चुकी हैं और 51 किलोग्राम भारवर्ग में यह विश्व चैम्पियनशिप में उनका पहला पदक है.

भारत की अपील की ठुकराई गई

भारत ने इस फैसले के खिलाफ अपील की, लेकिन उसे ठुकरा दिया गया. एआईबीए के निर्देशों के अनुसार, एक खिलाड़ी तभी अपील कर सकता है जब वह 2:3 या 1:3 के अंतर से मैच हारा हो, मेरीकॉम 1:4 से मुकाबला हारी थीं, इसलिए तकनीकी समिति ने उनके पीले कार्ड को स्वीकार नहीं किया.

मैच के बाद मेरीकॉम ने खेल मंत्री किरण रिजिजू और प्रधानमंत्री नेंरद्र मोदी को टैग करते हुए ट्वीट किया, उन्होंने लिखा, 'कैसे और क्यों..? दुनिया को पता चलने दीजिए कि यह निर्णय कितना सही और गलत है.'

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