हार के बाद ऑस्ट्रेलिया को 'दोहरा' झटका- इस वजह से 40% जुर्माना, 4 WTC अंक भी कटे

ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम को बड़ा झटका लगा है. एक तो भारत के खिलाफ दूसरे टेस्ट में उसे हार का सामना करना पड़ा और इसके बाद धीमी ओवर गति के लिए मैच फीस का 40 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया. साथ ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) की विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप (WTC) में 4 अंक काटे गए.

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Australia fined 40% of match fee, four WTC points for slow over-rate in Boxing Day Test (Getty) Australia fined 40% of match fee, four WTC points for slow over-rate in Boxing Day Test (Getty)

aajtak.in

  • दुबई,
  • 29 दिसंबर 2020,
  • अपडेटेड 5:55 PM IST
  • ऑस्ट्रेलिया को मेलबर्न टेस्ट में टीम इंडिया ने 8 विकेट से दी मात
  • मैच में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने निर्धारित समय में दो ओवर कम फेंके
  • मैच फीस का 40% जुर्माना, 4 विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप अंक काटे गए

ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम को बड़ा झटका लगा है. एक तो भारत के खिलाफ दूसरे टेस्ट में उसे हार का सामना करना पड़ा और इसके बाद धीमी ओवर गति के लिए मैच फीस का 40 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया. साथ ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) की विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप (WTC) में 4 अंक काटे गए.

आईसीसी मैच रेफरी डेविड बून ने पाया कि ऑस्ट्रेलियाई टीम ने निर्धारित समय में दो ओवर कम फेंके हैं, जिसके बाद टिम पेन की टीम को यह सजा सुनाई गई.

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भारत ने दूसरा टेस्ट 8 विकेट से जीता. आईसीसी ने बयान में कहा, ‘खिलाड़ियों और खिलाड़ियों के सहयोगी स्टाफ से जुड़ी आईसीसी आचार संहित के नियम 2.22 के अनुसार, जो न्यूनतम ओवर गति के अपराध से जुड़ा है, खिलाड़ियों पर अपनी टीम के निर्धारित समय में प्रत्येक ओवर कम फेंकने के लिए उनकी मैच फीस का 20 प्रतिशत जुर्माना लगाया जाता है.’

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बयान के अनुसार, ‘इसके अलावा आईसीसी विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप के खेलने के हालात के नियम 16.11.2 के अनुसार टीम पर प्रत्येक कम ओवर फेंकने के लिए 2 अंक का जुर्माना लगाया जाता है. जिससे ऑस्ट्रेलिया के कुल अंकों से 4 विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप अंक काट दिए गए.’ ऑस्ट्रेलिया जीते हुए प्रतिशत अंकों के आधार पर अभी शीर्ष पर चल रहा है, जबकि उसके बाद भारत और न्यूजीलैंड का नंबर आता है.

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आईसीसी ने कहा, ‘पेन ने अपराध स्वीकार कर लिया और प्रस्तावित सजा भी स्वीकार कर ली इसलिए औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी.’ ये आरोप मैदानी अंपायरों ब्रूस आक्सेनफोर्ड और पॉल रीफेल, तीसरे अंपायर पॉल विल्सन और चौथे अंपायर गेरार्ड एबूड ने लगाए थे.

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