सेना के दत्तू भोकानल ने रियो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया

भारत के नौकायन खिलाड़ी दत्तू बबन भोकानल ने दक्षिण कोरिया में चल रहे फिसा एशिया ओशियाना ओलंपिक क्वालीफिकेशन टूर्नामेंट में पुरुषों के एकल स्कल वर्ग में रजत पदक जीतकर रियो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर लिया.

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दत्तू भोकानल दत्तू भोकानल

अभिजीत श्रीवास्तव

  • नई दिल्ली,
  • 26 अप्रैल 2016,
  • अपडेटेड 3:25 PM IST

रियो ओलंपिक 2016 के जिम्नास्टिक के लिए दीपा कर्माकर के क्वालीफाई करने के साथ ही कई और खिलाड़ी ओलंपिक में खेलने की अहर्ता प्राप्त करते जा रहे हैं. इसी क्रम में सबसे नया नाम दत्तू भोकानल का है जिन्होंने दक्षिण कोरिया में चल रहे फिसा एशिया ओशियाना ओलंपिक क्वालीफिकेशन टूर्नामेंट में पुरुषों के एकल स्कल वर्ग में रजत पदक जीतकर रियो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर लिया. सेना के इस नाविक ने दो किलोमीटर की दूरी 7 मिनट 7.49 सेकंड में पूरी करके दूसरा स्थान हासिल किया. इस वर्ग से शीर्ष सात खिलाड़ियों ने रियो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया.

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नासिक में जन्मे दत्तू बबन भोकानल जीतने के करीब थे जब वह 1500 मीटर तक सबसे आगे चल रहे थे. इसके बाद कोरिया के डोंगियोंग किम (सात मिनट 05.13 सेकंड) ने उन्हें आखिरी स्ट्रेच में पछाड़ा.

भारतीय नौकायन महासंघ के महासचिव कैप्टन गिरीश जे फड़नीस ने बताया, ‘हमें बहुत खुशी है कि दत्तू भोकानल ने रियो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर लिया. वह कोरिया में एशियाई क्वालीफाईंग टूर्नामेंट में पुरुषों के एकल स्कल में दूसरे स्थान पर रहे.’ उन्होंने कहा, ‘यह भारतीय नौकायन के लिए अच्छा संकेत है. ओलंपिक में 2000 के बाद से भारत ने नौकायन में हमेशा क्वालीफाई किया है.’ यह पूछने पर कि क्या दत्तू को रियो खेलों की तैयारी के लिए बाहर भेजा जायेगा, फड़नीस ने कहा, ‘इस बारे में उससे और उसके कोच से बात करके फैसला लिया जाएगा.’

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फड़नीस ने कहा कि भोकानल रियो ओलंपिक में अकेले भारतीय नौकायन खिलाड़ी होंगे क्योंकि अब कोई क्वालीफिकेशन दौर नहीं बचा है. इस क्वालीफिकेशन के साथ ही उन्हें सरकार की टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना में जगह मिलना तय है. भोकानल ओलंपिक खेलने वाले भारत के नौवें नौकायन खिलाड़ी होंगे. उनसे पहले कसम खान और इंदरपाल सिंह (सिडनी 2000, पुरुषों की काक्सलेस पेयर), पौलुस पंडारी कुनेल (एथेंस 2004, पुरुषों की एकल स्कल), बजरंग तखाड़ (बीजिंग 2008, पुरुषों की एकल स्कल), मनजीत सिंह और देवेंदर खंडेलवाल (बीजिंग 2008, पुरुषों की लाइटवेट डबल स्कल), सवर्ण सिंह (लंदन ओलंपिक 2012) पुरुषों की एकल स्कल) और मनजीत सिंह तथा संदीप कुमार (लंदन 2012, पुरुषों की लाइटवेट डबल स्कल) ओलंपिक में भारत की नुमाइंदगी कर चुके हैं.


नासिक में 1991 में जन्मे भोकानल ने 2012 में पुणे में अपने करियर की शुरुआत की. इसके एक साल बाद वह बेहतर अभ्यास के लिए एआरएन पुणे से जुड़ गए. उन्होंने 2014 में राष्ट्रीय नौकायन चैम्पियनशिप में दो स्वर्ण पदक जीते थे. अब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पिछले साल चीन में 16वीं एशियाई नौकायन चैम्पियनशिप में पुरुषों के एकल स्कल में रजत पदक जीतना था.

डबल स्कल में हालांकि भारत रियो का टिकट नहीं कटा सका चूंकि विक्रम सिंह और रूपेंद्र सिंह पांचवें स्थान पर रहे. इस वर्ग से सिर्फ शीर्ष तीन जोड़ियों ने रियो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया है.

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