आखिरी ओवर में कार्लोस ब्रैथवेट द्वारा लगाए गए लगातार गगनचुम्बी चार छक्कों ने वेस्टइंडीज को दूसरी बार आईसीसी वर्ल्ड टी20 चैंपियन बना दिया.
कैरेबियाई टीम ने ईडन गार्डन्स स्टेडियम में रविवार को खेले रोमांच से भरे खिताबी मुकाबले में इंग्लैंड को चार विकेट से हराया.
सैमुअल्स ने 66 गेदों पर नौ चौके और दो छक्के लगाकर न सिर्फ एक छोर पर विकेट का गिरना रोके रखा बल्कि इस जीत के सूत्रधार भी बने. सैमुअल्स ने 2012 में श्रीलंका में हुए फाइनल मैच में भी 78 रनों की पारी खेलकर अपनी टीम को विजेता बनाया था.
मैच के बाद कैरेबियाई खिलाड़ियों और टीम स्टाफ की खुशी देखने लायक थी.
जीत के बाद हर तरफ कैरेबियाई शैली के डांस का नजारा था. सैमुएल्स तो अपनी जर्सी उतारकर जश्न मनाने लगे.
सैमुअल्स और ब्रैथवेट के बीच नाबाद 54 रनों की साझेदारी हुई, जिससे टीम को विश्व चैम्पियन का ताज पहननाने में दोनों खिलाड़ी सफल रहे.
अंतिम ओवर में कैरेबियाई टीम को 17 रनों की जरूरत थी. बेन स्टोक्स गेंदबाजी कर रहे थे. लक्ष्य मुश्किल लग रहा था लेकिन ब्रैथवेट ने एक के बाद एक चार छक्के लगाकर मैच के परिणाम ही बदल दिया.
इस खुशी में महिला टीम भी शरीक हुई, जिसने रविवार को ही ऑस्ट्रेलिया को हराकर पहली बार महिला टी-20 खिताब हासिल किया.
सैमुअल्स को मैन ऑफ द मैच चुना गया. मैन ऑफ द टूर्नामेंट की दौड़ में कई खिलाड़ी शामिल थे लेकिन चयन मंडल ने एक स्वर में भारत के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली को यह पुरस्कार प्रदान किया.
साल 2007 में शुरू हुए आईसीसी टी-20 विश्व कप इतिहास में यह पहला मौका है, जब किसी एक ही देश (बोर्ड) से जुड़ी महिला एवं पुरुष टीमों ने खिताब पर कब्जा किया है.
कैरेबियाई टीम ने मर्लन सैमुअल्स के बेहतरीन नाबाद 85 रनों और ब्रैथवेट (नाबाद 34 रन, 10 गेंद, एक चौका, 4 छक्के ) की साहसिक पारियों की मदद से दो गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया.
वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने शानदार गेंदबाजी करते हुए इंग्लैंड की पारी को 155 रन पर ही रोका और बड़ा स्कोर नहीं बनने दिया.
टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लिश टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 9 विकेट के नुकसान पर 155 रन बनाए. जोए रूट ने सबसे अधिक 54 रन बनाए.
गेल इस मैच में कुछ खास नहीं कर पाए और 4 रन बनाकर आउट हो गए.
एक समय मैच में इंग्लैंड की पकड़ मजबूत थी. इंग्लैंड ने वेस्टइंडीज के 6 विकेट 107 रनों पर झटक लिए थे.