भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 14 जनवरी यानी मंगलवार को मुंबई में वनडे सीरीज की शुरुआत होने जा रही है. कंगारू टीम इस दौरे पर भारत के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज खेलेगी. वनडे सीरीज से पहले ऑस्ट्रेलियाई कप्तान एरॉन फिंच जसप्रीत बुमराह से डरे हुए हैं जो चोट के बाद टीम इंडिया में वापसी कर चुके हैं.
एरॉन फिंच ने कहा कि भारत के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में उनकी टीम के लिए जरूरी होगा कि वे अपने दिमाग में जसप्रीत बुमराह का हौव्वा नहीं बनाए रखें.
फिंच के अनुसार भारत के टॉप तेज गेंदबाज बुमराह सम्मान के हकदार हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि उनकी टीम के लिए यह जरूरी होगा कि वह अपनी ताकत पर ध्यान दें.
फिंच ने कहा, ‘मेरा मानना है कि खिलाड़ी जितना अधिक उनका सामना करेंगे उतना उन्हें पता चलता रहेगा कि वे कैसी गेंदबाजी करते हैं. इसलिए यह जरूरी है कि हम इसको लेकर ज्यादा हौव्वा न बनाएं.’
धमाकेदार बल्लेबाज डेविड वॉर्नर के साथ पारी का आगाज करते हुए फिंच को बुमराह का सामना करना होगा. फिंच ने कहा, ‘वह निश्चित तौर पर बेहतरीन गेंदबाज हैं. वह ऐसे गेंदबाज हैं कि जब आप उनके खिलाफ नहीं खेल रहे हों तो आप उन्हें गेंदबाजी करते हुए देखना पसंद करेंगे. वह तेज और आक्रामक गेंदबाज हैं और वह अपनी रणनीति पर बहुत अच्छी तरह से अमल करते हैं.’
बुमराह पांच महीने तक चोट से बाहर रहने के बाद वापसी कर रहे हैं और ऑस्ट्रेलियाई टीम 14 जनवरी से मुंबई में शुरू होने वाली सीरीज में उनका सामना करने को लेकर सतर्क है.
फिंच ने कहा, ‘हम एक बल्लेबाजी यूनिट के रूप में क्या हैं, हमें इस पर ध्यान देना होगा तथा हर खिलाड़ी के कमजोर और मजबूत पक्ष होते हैं. इसलिए हमें मानसिक तौर पर इस चुनौती के लिए तैयार रहना होगा.’
दूसरा वनडे 17 जनवरी को राजकोट और तीसरा वनडे 19 जनवरी को बेंगलुरु में खेला जाएगा. बेहतरीन फॉर्म में चल रहे मार्नस लाबुशेन टेस्ट क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बाद वनडे में डेब्यू के लिए तैयार हैं और उनका बुमराह की अगुवाई वाले आक्रमण से रोमांचक मुकाबला होने की संभावना है.
फिंच ने कहा, ‘हां यह मुकाबला रोमांचक होगा. हमने पिछले 12 महीनों में मार्नस के खेल में आमूलचूल सुधार देखा है और यह उसके स्कोर और टेस्ट क्रिकेट में छोड़े गए प्रभाव से भी पता चलता है. सीमित ओवरों में उसका घरेलू रिकॉर्ड शानदार है. उम्मीद है कि टेस्ट सीरीज की उनकी फॉर्म वनडे में भी बरकरार रहेगी.’
फिंच ने कहा कि भारत में उनके खिलाड़ियों को बेसिक्स पर ध्यान देना होगा. उन्होंने कहा, ‘भारत में आपको वास्तव में अपने बेसिक्स के साथ अनुशासित होना होगा. अगर आप चीजों को लेकर परेशान होते हो तो यह सही नहीं है.’