संघर्षों से उबर विश्वकप फुटबॉल में ऐसे छा गया छोटा सा देश क्रोएशिया

क्रोएशिया ने 1991 में यूगोस्लाविया से स्वतंत्र होने का ऐलान कर दिया, लेकिन यह इतना आसान नहीं था. इस आजादी के ऐलान के साथ ही यूगोस्लाविया का यह क्षेत्र दुनिया का सबसे खतरनाक क्षेत्र बना जहां लगातार 4 चार वर्षों तक घातक गृह युद्ध चलता रहा. संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व और अमेरिकी राजदूत रिचर्ड हॉलब्रूक की मध्यस्तता में हुए डेटन पीस अकॉर्ड के बाद चार साल तक चले युद्ध से क्रोएशिया को सर्बिया के चंगुल से निकाला गया.

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राहुल मिश्र / वरुण शैलेश

  • नई दिल्ली,
  • 16 जुलाई 2018,
  • अपडेटेड 10:54 AM IST

फुटबॉल वर्ल्ड कप में दूसरे नंबर पर आने वाला क्रोएशिया वर्ल्ड कप में शरीक होने वाला दुनिया का सबसे युवा देश है. आज जिसे आप क्रोएशिया के तौर पर जान रहे हैं, वह प्रथम विश्व युद्ध तक ऑस्ट्रिया-हंगरी साम्राज्य का हिस्सा था. विश्व युद्ध खत्म होने के बाद 1918 में क्रोएट, सर्ब औऱ स्लोवेन ने मिलकर नया साम्राज्य स्थापित किया जिसे 1929 के बाद से यूगोस्लाविया के नाम से जाना गया. वहीं द्वितीय विश्व युद्ध खत्म होने के  बाद यूगोस्लाविया मार्शल जोसिप ब्रोज उर्फ मार्शल टीटो के नेतृत्व में एक स्वतंत्र कम्युनिस्ट राज्य बना.

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क्रोएशिया ने 1991 में यूगोस्लाविया से स्वतंत्र होने का ऐलान कर दिया, लेकिन यह इतना आसान नहीं था. इस आजादी के ऐलान के साथ ही यूगोस्लाविया का यह क्षेत्र दुनिया का सबसे खतरनाक क्षेत्र बना जहां लगातार 4 चार वर्षों तक घातक गृह युद्ध चलता रहा. संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व और अमेरिकी राजदूत रिचर्ड हॉलब्रूक की मध्यस्तता में हुए डेटन पीस अकॉर्ड के बाद चार साल तक चले युद्ध से क्रोएशिया को सर्बिया के चंगुल से निकाला गया.

और सर्बिया के बीच यह विवाद इतना गहरा था कि इसका अंदाजा इससे लगता है कि संयुक्त राष्ट्र को क्रोएशिया के पूर्वी क्षेत्र को सर्बिया से स्वतंत्र कराने में सफलता 1998 में मिली. इस तरह एक दशक से लंबे चले संघर्ष के बाद क्रोएशिया अप्रैल 2009 में नाटो में शरीक हुआ और जुलाई 2013 में इसे यूरोपीय संघ में जगह दी गई.

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मौजूदा समय में क्रोएशिया की कुल जनसंख्या 40 लाख है जिसमें लगभग 90 फीसदी क्रोएट हैं और सर्ब यहां का सबसे बड़ा अल्पसंख्यक वर्ग है. गौरतलब है कि 1990 के दशक में चले युद्ध का अहम असर सर्ब जनसंख्या पर पड़ा और उनकी संख्या में बड़ी गिरावट देखने को  मिली. क्रोएट और सर्ब के अलावा यहां बोस्नियाई मुसलमान, हंगेरियन, इटैलियन और स्लोवेन बतौर अल्पसंख्यक मौजूद है. इनके अलावा क्रोएशिया में कुछ हजार की संख्या में अल्बानिया, ऑस्ट्रिया, बुल्गेरिया, चेक, जर्म राष्ट्रियता के लोग भी मौजूद हैं.

अपने इस इतिहास के साथ इस साल क्रोएशिया ने में पहुंच कर दुनिया भर में सुर्खियां बटोरी. हालांकि यह कोई पहला मौका नहीं कि युद्ध के उबरे इस देश में विश्वकप फुटबाल में अपनी साख दुनिया के सामने पेश की है. 1991 में अस्तित्व में आने के बाद से यह पांचवा  मौका था जब क्रोएशिया ने विश्वकप फुटबाल में अपनी किस्मत आजमाई.

स्वतंत्र देश बनने के बाद पहली बार 1998 में क्रोएशिया ने न सिर्फ विश्वकप फुटबाल में क्वॉलिफाई किया बल्कि अपने पहले प्रदर्शन में ही उसने सेमीफाइनल तक पहुंचकर दुनिया के सभी फुटबाल खेलने वाले देशों को अचंभे में डाल दिया. खास बात यह है कि अपने पहले ही वर्ल्ड कप में क्रोएशिया ने सेमीफाइनल में फ्रांस के साथ मुकाबला किया. इस मैच में कड़े संघर्ष के बाद फ्रांस 2-1 से जीतने में कामयाब रहा. हालांकि तीसरे स्थान के लिए नीदरलैंड से हुए मैच में क्रोएशिया को 2-1 से जीत मिली.

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