जब 'कूल' धोनी ने अपने 'माइंड गेम' से कंगारुओं पर की थी 'चोट'

जब धोनी ने टीम इंडिया की कमान संभाली तो 'माइंड गेम' उनकी कप्तानी का एक महत्वपूर्ण पहलू बनकर उभरा.

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धोनी ओर रोहित शर्मा सीबी सीरीज के दौरान मेलबर्न वनडे- 2008 में (getty) धोनी ओर रोहित शर्मा सीबी सीरीज के दौरान मेलबर्न वनडे- 2008 में (getty)

विश्व मोहन मिश्र

  • नई दिल्ली,
  • 23 जुलाई 2018,
  • अपडेटेड 4:34 PM IST

महेंद्र सिंह धोनी का नाम क्रिकेट इतिहास में सबसे शांत क्रिकेटरों में शुमार होता है. अपने इस स्वभाव के जरिए विपक्षी टीम को भांपने में वह महारत हासिल रखते हैं. धोनी में इस अद्भुत गुण के अलावा एक और और चीज है, जो उन्हें औरों से अलग करती है. और यह है उनका 'माइंड गेम'.

जब धोनी ने टीम इंडिया की कमान संभाली तो 'माइंड गेम' उनकी कप्तानी का एक महत्वपूर्ण पहलू बनकर उभरा. इस कड़ी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनका वह 'माइंड गेम' शामिल है, जिससे कंगारू हिल गए थे. हाल में प्रकाशित किताब 'द धोनी टच' में धोनी की इसी खूबी की चर्चा की गई है.

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भरत सुंदरेशन के इस किताब में 2008 के उस वाकये का जिक्र है, जब धोनी ने सीबी सीरीज के दौरान ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जीत की दहलीज पर पहुंचकर अपनी टीम से आग्रह किया था कि वह जीत का जश्न न मनाए.

तब टीम इंडिया के खेमे में धोनी का यह 'फरमान' एक अबूझ पहेली की तरह था. आखिर धोनी ने ऐसा क्यों कहा..? दरअसल, धोनी ऑस्ट्रेलियाई खेमे तक अपना संदेश पहुंचाना चाहते थे कि उनके खिलाफ भारत के लिए यह जीत कोई बड़ी बात नहीं है और न ही यह कोई उलटफेर है.

तब टीम इंडिया के कप्तान के तौर पर धोनी का यह महज 15वां वनडे था. ऑस्ट्रेलिया 2007 की वर्ल्ड कप चैंपियन टीम थी. यह 2008 की सीबी सीरीज का चौथा मैच था, जब 10 फरवरी को मेलबर्न में भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया को महज 159 रनों पर समेट दिया था. इसके बाद भारत ने यह मामूली लक्ष्य पांच विकेट गंवा कर हासिल किया था. उस समय धोनी (17 रन) रोहित शर्मा (39 रन) के साथ भारत को जीत दिलाकर नाबाद लौटे थे.

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मजे की बात तो यह कि जब जीत के लिए महज 10 रनों की जरूरत थी, तो धोनी ने ग्लव्स मंगवाए और अपना संदेश ड्रेसिंग रूम तक पहुंचाया था. वह चाहते थे कि खिलाड़ी बालकनी पर आकर जश्न न मनाएं. दरअसल, क्रिकेट में किसी न किसी बहाने ड्रेसिंग रूम से मैदान तक संदेश पहुंचाए जाने की परंपरा रही है, लेकिन धोनी ने ठीक इसके उल्टा किया.

किताब के मुताबिक, धोनी का कहना था- मेरे गेंदबाजों ने उन्हें ऑल आउट किया और हमने 160 रनों के टारगेट का पीछा किया. अगर हम जोरदार जश्न मनाते, तो ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों को ऐसा महसूस होता कि वाकई यह उलटफेर है. हम उन्हें बताना चाहते थे कि यह कोई झटका नहीं है. उन्हें हमारे खिलाफ आगे भी इसके लिए तैयार रहना चाहिए. इस 'माइंड गेम' से ऑस्ट्रेलियाई हिल से गए थे. उस दौरे में शामिल एक खिलाड़ी ने बाद में इसका खुलासा किया.

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