IND vs AUS: मैथ्यू हेडन ने माना- युजवेंद्र चहल की तुलना में कुलदीप यादव को खेलना मुश्किल

Kuldeep and Chahal, the two Indian wrist spinners, have troubled the best batsmen in the shorter formats. कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल ने छोटे प्रारूप में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों को परेशान किया है.

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aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 11 मार्च 2019,
  • अपडेटेड 3:07 PM IST

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व सलामी बल्लेबाज मैथ्यू हेडन का मानना है कि ‘शेन वॉर्न की तरह के ड्रिफ्ट’ के कारण कुलदीप यादव का सामना करना युजवेंद्र चहल की तुलना में अधिक मुश्किल है. कुलदीप और चहल ने छोटे प्रारूप में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों को परेशान किया है.

इस बारे में पूछने पर हेडन ने पीटीआई से कहा, ‘लेग स्पिनर आपको विकल्प और विविधता देते हैं. विशेष तौर पर अगर आप कुलदीप को देखें, तो उनका मजबूत पक्ष यह नहीं है कि वह गेंद को कितना अधिक स्पिन करा सकते हैं, बल्कि यह है कि उनकी गेंदें शेन वॉर्न की गेंदों की तरह बल्लेबाज तक पहुंचती हैं.’

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अपने शीर्ष समय के दौरान हरभजन सिंह और अनिल कुंबले के खिलाफ काफी सफल रहे हेडन का हालांकि मानना है कि चहल का सामना किया जा सकता है. उन्होंने कहा, ‘चहल अलग तरह के गेंदबाज हैं. वह स्टंप पर गेंदबाजी करते हैं. वह सपाट और सीधी गेंद फेंकते हैं. उन्हें ड्रिफ्ट नहीं मिलता. अगर मैं खिलाड़ी होता, तो मैं चहल का सामना करने को प्राथमिकता देता, क्योंकि उन्हें ड्रिफ्ट नहीं मिलता.’

ऑस्ट्रेलिया के लिए 8000 से अधिक टेस्ट और 6000 से अधिक वनडे रन बनाने वाले हेडन ने अंगुली के स्पिनरों के सीमित ओवरों के प्रारूप में अधिक सफल नहीं होने के संदर्भ में कहा, ‘ऑफ स्पिनरों ने बल्लेबाजों को रोकने की कला सीख ली थी, जिसके कारण वे निश्चित समय तक हावी रहे.’

उन्होंने कहा, ‘लेकिन अब खिलाड़ी ऑफ स्पिनरों की सपाट गेंदों के आदी हो गए हैं. ऑफ स्पिनर गति में विविधता लाने की कला भूल गए हैं.’ हेडन ने इसके लिए नागपुर में दूसरे वनडे मैच में नाथन लियोन का उदाहरण दिया और इस ऑफ स्पिनर के दोनों स्पेल की तुलना की.

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उन्होंने कहा, ‘उनके दूसरे स्पेल के दौरान गति 80 से 82 किमी प्रति घंटे के आसपास थी, जो पहले स्पेल में 90 से 92 किमी प्रति घंटे थी. इसमें स्पष्ट तौर पर 10 किमी प्रति घंटे की कमी थी. अचानक उन्हें खेलना मुश्किल हो गया.’

हेडन को इसमें कोई संदेह नहीं कि गेंदबाजों को अगर सफल होना है, तो उन्हें सीमित ओवरों के क्रिकेट में इस तरह का साहस दिखाना होगा. उन्होंने कहा, ‘उनके साथ साहस का मुद्दा होता है, जब वे रन नहीं देना चाहते. टेस्ट मैचों में वह रन रोकने की जगह विकेट लेने वाले बन जाते हैं. यही अंतर है.’ हेडन को खुशी है कि ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज केदार जाधव को अलग लाइन और लेंथ के साथ गेंदबाजी करने के लिए मजबूर करने में सफल रहे.

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