इस क्रिकेटर ने कहा- सिर्फ व्हाइट बॉल का खिलाड़ी नहीं, इससे भी हूं बेहतर

इंग्लैंड के विकेटकीपर बल्लेबाज सैम बिलिंग्स ने कहा कि वह महज सफेद गेंद का क्रिकेट खेलने वाले क्रिकेटर नहीं बनना चाहते.

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Sam Billings (Getty) Sam Billings (Getty)

aajtak.in

  • लंदन,
  • 04 जून 2020,
  • अपडेटेड 2:30 PM IST

इंग्लैंड के विकेटकीपर बल्लेबाज सैम बिलिंग्स ने कहा कि वह महज सफेद गेंद का क्रिकेट खेलने वाले क्रिकेटर नहीं बनना चाहते. उन्होंने टेस्ट प्रारूप में खेलने की इच्छा जताई है. बिलिंग्स ने अपने करियर के शुरुआत में जब इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में खेलने का फैसला किया था, तब वह टेस्ट मैचों में खेलने के इच्छुक नहीं थे.

इंग्लैंड के लिए इस 28 साल के क्रिकेटर ने कभी भी टेस्ट मैच नहीं खेला, वह 15 वनडे और 26 टी0 अंतरराष्ट्रीय मैचों में खेल चुके हैं. कंधे की चोट के कारण वह पिछले साल टीम की विश्व कप खिताबी जीत का हिस्सा नहीं बन सके थे.

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बिलिंग्स ने ‘ईएसपीएनक्रिकइंफो’ से कहा, ‘इसके लिए (सफेद गेंद के क्रिकेट तक सीमित रहने को) मैं खुद के अलावा किसी और को दोषी नहीं मानता.’ उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि टेस्ट टीम में भी काफी मौके हैं, विशेषकर एक बल्लेबाज के रूप में और साथ ही विकेटकीपिंग स्थान के लिए भी. मैं सिर्फ सफेद गेंद के खिलाड़ी के रूप में सीमित नहीं था, मैं इससे भी बेहतर हूं.’

बिलिंग्स ने आईपीएल में भाग लेने के बाद बदलाव की बात करते हुए कहा, ‘मैंने चार आईपीएल चरण खेले, आप इस तरह के मौके को ठुकराना नहीं चाहोगे और युवा खिलाड़ी के तौर पर आपके पास खुद में विकास करने का मौका होता है. हालांकि पहले दो वर्षों में कोई वित्तीय लाभ नहीं हुआ. मैंने इसे सिर्फ एक मौके के रूप में देखा और मैं दिल्ली के लिए 2016 में 30 लाख रु. के आधार मूल्य (बेस प्राइस) पर बिका.’

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