क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने गुरुवार को कहा कि उनके बचपन के कोच रमाकांत आचरेकर ने उन्हें करियर की शुरुआत में ही फिटनेस की अहमियत बता दी थी. तेंदुलकर को मुंबई, नई दिल्ली और कोलकाता में होने वाली आईडीबीआई फेडरल लाइफ इंश्योरेंस मैराथन का चेहरा बनाया गया है.
सचिन ने कहा, 'मैं आपको यहां सिर्फ यह बताने की कोशिश कर रहा हूं कि फिटनेस आगे जाकर एक महत्वपूर्ण कारक साबित होगी, यह बताने में मेरे कोच (रमाकान्त आचरेकर) ने अहम भूमिका निभाई. लेकिन, उन्होंने मेरे लिए चीजें काफी सुखद बना दी थीं. मुझे कभी नहीं लगा कि मैं यह क्यों कर रहा हूं.'
सफलता के लिए मानसिक और शारीरिक दोनों ताकतें जरूरी
उन्होंने कहा, 'दिन के अंत में मेरे कोच को अभ्यास सत्र में बकायदा दखल देकर यह कहना पड़ता था कि अब इतना काफी है. अंधेरा हो रहा है, तुम्हें चोट लग जाएगी. इस तरह हम अभ्यास सत्र का अंत करते थे. मैं मानता हूं कि इसी कारण मैं मजबूत बना, और यह मजबूती महज शारीरिक नहीं थी.' सचिन ने कहा कि सफलता पाने के लिए मानसिक और शारीरिक, दोनों रूप में मजबूत होना पड़ता है.
तेंदुलकर ने कहा, 'आप जब एक बार लक्ष्य को ऊंचा करने लगते हैं तब आप मानसिक तौर पर और मजबूत हो जाते हैं. ऐसा भी समय आया था, जब मैं इंटरनेशनल क्रिकेट खेलते हुए थका महसूस करता था. लेकिन, युवावस्था में हासिल की गई मानसिक शक्ति और प्रशिक्षण के कारण मैं इस समस्या को सुलझा पाया.'
लव रघुवंशी / IANS