पूर्व क्रिकेटर प्रवीण आमरे ने टीम इंडिया के बल्लेबाजी कोच के लिए अपनी दावेदारी पेश की है. भारतीय ड्रेसिंग रूम से जिस तरह की कहानियां छन कर आ रही हैं, उनके हिसाब से मौजूदा बैटिंग कोच संजय बांगड़ को लेकर कहा जा रहा है कि उनसे जैसी उम्मीद थी, वैसे नतीजे सामने नहीं आ सके हैं.
बता दें कि 46 साल के संजय बांगड़ बीते 5 साल से टीम इंडिया की बैटिंग यूनिट के साथ काम कर रहे हैं. बांगड़ ने रवि शास्त्री और अनिल कुंबले दोनों के साथ काम किया है. वो टीम के असिस्टेंट कोच भी थे.
वर्ल्ड कप में टीम इंडिया के मिडिल ऑर्डर की नाकामी को बांगड़ से जोड़ कर देखा जा रहा है. कहा जा रहा है कि बांगड़ अधिक बैटिंग विकल्प विकसित नहीं कर सके. लेकिन साथ ही ऐसा मानने वाले भी हैं कि बांगड़ का आकलन उनके रणनीतिक और तकनीकी अनुभव की कसौटी पर किया जाना चाहिए. और ये चयनकर्ताओं और कैप्टन-कोच को कमजोर मिडिल ऑर्डर के लिए दोष दिया जाना चाहिए.
बांगड़ की तरह आमरे का भी खिलाड़ी के नाते इंटरनेशनल रिकॉर्ड कुछ खास नहीं है, लेकिन इनका कोचिंग का अनुभव प्रभावशाली है. आमरे आईपीएल कोचिंग सर्किट में लगातार सक्रिय हैं. आईपीएल के आखिरी सीजन में आमरे ने दिल्ली कैपिटल्स के लिए स्काउटिंग हेड के तौर पर रिकी पोंटिंग और सौरव गांगुली के साथ मिल कर काम किया.
रमाकांत आचरेकर स्कूल ऑफ क्रिकेट की पृष्ठभूमि वाले आमरे भारतीय टेस्ट टीम के उपकप्तान अजिंक्य रहाणे के लिए भी ‘वन टू वन’ बेसिस पर काम करते रहे हैं.
आमरे से बैटिंग कोचिंग के सबक लेने वालों में सुरेश रैना, श्रेयस अय्यर, दिनेश कार्तिक और रॉबिन उथप्पा भी शामिल रहे हैं. फिलहाल आमरे यूएसए क्रिकेट के लिए बैटिंग सलाहकार के लिए काम कर रहे हैं. उन्हें टीम इंडिया का बैटिंग कोच बनने की स्थिति में ये शपथपत्र देना पड़ सकता है कि वो कहीं और जॉब नहीं करेंगे.
हेड कोच और सपोर्ट स्टाफ बनने के इच्छुकों से 30 जुलाई तक आवेदन मांगे गए हैं. BCCI COA की ओर से साफ किया जा चुका है कि सपोर्ट स्टाफ की नियुक्तियां चयन समिति की ओर से की जाएंगी.
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