भारतीय विकेटकीपर ऋद्धिमान साहा ने रांची टेस्ट की पहली पारी में मुश्किल परिस्थितियों का सामना करते हुए शतक जड़कर ऑस्ट्रेलिया पर बढ़त दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी, उनके इसी जुझारूपन को लेकर पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ने उनकी जमकर तारीफ की है. क्लार्क ने साहा को पूर्व कंगारू विकेटकीपर इयान हिली के समान बताया.
पूर्व ऑस्ट्रेलियाई विकेटकीपर को भी अपनी लड़ने की क्षमता के कारण जाना जाता है. उन्होंने भी अपने टेस्ट जीवन का पहला शतक देर से जड़ा, इसके बाद तीन बार और उन्होंने ऐसा किया.
क्लार्क के अनुसार " उनका रवैया हिली के समान है, वे एक व्यस्त खिलाड़ी हैं. रांची टेस्ट में वे बेहद अच्छा खेले. निश्चित रूप से उन्होंने अपने स्वभाविक खेल से बढ़कर प्रदर्शन किया.टेस्ट क्रिकेट में आपको चमकदार होने की जरुरत नहीं है. आपको अपना कार्य करने की जरुरत होती है, जो रन बनाना है. वे इसे अच्छी तरह कर रहे हैं."
क्लार्क ने कहा, नंबर 8 और 9 के बल्लेबाजों को हमेशा शतक बनाने का मौका नहीं मिलता लेकिन जब मिलता है, तो उन्हें दोनों हाथों से मौके का फायदा उठाना चाहिए. यही ऋद्धिमान साहा ने किया.उन्होंने जितना हो सके, उतना समय क्रीज पर बिताया और ऑस्ट्रेलिया से मैच बहुत दूर ले जाने में अहम भूमिका निभाई.
रांची टेस्ट में पुजारा और साहा के बीच आठवें विकेट के लिए हुई आठ विकेट की साझेदारी ने भारत को मैच में बढ़त दिलाई थी. जहां पुजारा ने 202 रन की मैराथन पारी खेली, वहीं साहा ने भी 117 रनों की पारी खेल कर टेस्ट में अपना तीसरा शतक जमाया.
विजय रावत