आईसीसी पुरुष अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में बुधवार (4 फरवरी) को भारतीय टीम का सामना अफगानिस्तान से हुआ है. हरारे के हरारे स्पोर्ट्स क्लब में आयोजित इस मुकाबले में अफगानी टीम ने टॉस जीता और पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया था. यानी भारतीय टीम को पहले गेंदबाजी करनी पड़ी.
इस मुकाबले के दौरान एक अनोखी घटना देखने को मिली, जब अफगानिस्तान को नियमों के तहत 5 पेनल्टी रन दे दिए गए. यह घटना अफगानिस्तान की पारी के 17वें ओवर की आखिरी गेंद पर हुई. भारतीय तेज गेंदबाज दीपेश देवेंद्रन की गेंद पर अफगानी बल्लेबाज फैसल शिनोजादा ने लेग-साइड की तरफ शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले से नहीं लगी.
क्या कहता है पूरा नियम?
भारतीय विकेटकीपर अभिग्यान अभिषेक कुंडू भी गेंद को पकड़ने में नाकाम रहे और गेंद उनके पास जमीन पर रखे हेलमेट से जा टकराई. मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (MCC) के नियम 28.3.2 के अनुसार अगर गेंद मैदान पर रखे गए फील्डिंग टीम के हेलमेट से टकराती है, तो बल्लेबाजी करने वाली टीम को सीधे 5 पेनल्टी रन दिए जाते हैं.
इसी नियम के तहत अंपायरों ने अफगानिस्तान के खाते में पांच रन जोड़ दिए. नियम के मुताबिक, हेलमेट से टकराने से पहले बल्लेबाजों द्वारा पूरे किए गए रन भी जोड़े जाते हैं, लेकिन इस मामले में गेंद जैसे ही हेलमेट से टकराई, उसे डेड बॉल घोषित कर दिया गया था. इसी वजह से कोई बाउंड्री बाय नहीं दिया गया और अफगानिस्तान को सिर्फ 5 पेनल्टी रन ही मिले.
इस घटना ने मैच के दौरान खिलाड़ियों और दर्शकों दोनों का ध्यान खींचा और एक बार फिर क्रिकेट के तकनीकी नियमों को चर्चा में ला दिया.
सेमीफाइनल में भारत की प्लेइंग XI: वैभव सूर्यवंशी, एरॉन जॉर्ज, आयुष म्हात्रे (कप्तान), विहान मल्होत्रा, अभिज्ञान कुंडू (विकेटकीपर), वेदांत त्रिवेदी, आरएस अम्बरीश, कनिष्क चौहान, खिलान पटेल, हेनिल पटेल, दीपेश देवेंद्रन.
सेमीफाइनल में अफगानिस्तान की प्लेइंग XI: खालिद अहमदजई, ओस्मान सादात, फैसल शिनोजादा, उजैरुल्लाह नियाजई, महबूब खान (विकेटकीपर/कप्तान), अजीजुल्लाह मियाखिल, अब्दुल अजीज, खातिर स्टानिकजई, रूहुल्लाह अरब, नूरिस्तानी उमरजई, वहीदुल्लाह जादरान.
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