केपटाउन टी-20 में विराट ब्रिगेड का पलड़ा भारी, इन 3 वजहों से दबाव में अफ्रीकी टीम

इन सबके बीच तीसरे टी-20 मुकाबले में भी कप्तान कोहली पर सबकी निगाहें रहेंगी, जो लगातार प्रचंड फॉर्म में चल रहे हैं. कोहली को टी-20 इंटरनेशनल में अपने 2000 रन पूरे करने के लिए 20 से भी कम रनों की जरूरत है.

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कप्तान विराट कोहली और शिखर धवन के प्रदर्शन में निरंतरता दिखी है. कप्तान विराट कोहली और शिखर धवन के प्रदर्शन में निरंतरता दिखी है.

नंदलाल शर्मा

  • नई दिल्ली ,
  • 24 फरवरी 2018,
  • अपडेटेड 8:40 PM IST

केपटाउन में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेले जाने वाले फाइनल मुकाबले में टीम इंडिया का पलड़ा भारी दिख रहा है. तीन मैचों की सीरीज में जीत के साथ शुरुआत करने वाली कोहली एंड कंपनी को दूसरे मुकाबले में भले ही हार का सामना करना पड़ा हो, लेकिन तीसरे वनडे में टीम जीत की प्रबल दावेदार है. भारतीय बल्लेबाजों ने वनडे के साथ-साथ टी-20 मुकाबलों में भी अपना फार्म बरकरार रखा है और तीसरे मुकाबले में एक बार फिर उनसे बड़े स्कोर की उम्मीद है.

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शनिवार को खेले जाने वाले तीसरे और अंतिम मैच ने 'फाइनल' जैसी हैसियत हासिल कर ली है और इसे जीतने के लिए दोनों टीमों के बीच मैच रोमांचक होने जा रहा है. तीन टी-20 मैचों की सीरीज में दोनों टीमें 1-1 से बराबरी पर हैं और तीसरे मैच का परिणाम ही सीरीज की विजेता टीम की घोषणा करेगा.

भारतीय बल्लेबाजों का शानदार प्रदर्शन

कप्तान विराट कोहली की अगुवाई में शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया है. शिखर धवन, विराट कोहली के प्रदर्शन में जहां निरंतरता दिखी है, वहीं पिछले मुकाबले में मध्य क्रम के बल्लेबाजों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है. पहले दोनों मुकाबलों में रैना ने भी छोटी लेकिन महत्वपूर्ण पारियां खेली हैं.

इन सबके बीच तीसरे टी-20 मुकाबले में भी कप्तान कोहली पर सबकी निगाहें रहेंगी, जो लगातार प्रचंड फॉर्म में चल रहे हैं. कोहली को टी-20 इंटरनेशनल में अपने 2000 रन पूरे करने के लिए 20 से भी कम रनों की जरूरत है.

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भारतीय टीम को यह पता है कि अगर वे यह मैच जीतते हैं तो उनके पास 1 टेस्ट में जीत, 1 वनडे सीरीज और 1 टी-20 सीरीज जीत के साथ स्वदेश वापस लौटने का सुनहरा मौका है. लिहाजा टीम इंडिया कोई कसर नहीं छोड़ना चाहेगी.

आत्मविश्वास से भरे हैं टीम इंडिया के गेंदबाज

जहां तक गेंदबाजों सवाल है, तो टीम के पास भुवनेश्वर कुमार, शार्दूल ठाकुर, जयदेव उनादकट, हार्दिक पांड्या और युजवेंद्र चहल जैसे खिलाड़ी हैं, जो दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाजों के लिए मुश्किल खड़ी कर सकते हैं. टीम इंडिया के गेंदबाज साउथ अफ्रीकी दौरे की शुरुआत से ही आत्मविश्वास से लबरेज हैं. गेंदबाजों ने अहम मौकों पर विकेट चटकाएं हैं और अपनी टीम को सफलताएं दिलाई हैं.

अफ्रीकी बल्लेबाज कुछेक मौकों को छोड़ भारतीय स्पिनरों से निपटने में असफल रहे हैं. दूसरे टी-20 मुकाबले में यजुवेंद्र चहल भले ही खर्चीले साबित हुए हैं, लेकिन ध्यान रखा जाना चाहिए कि खराब मौसम ने भी दक्षिण अफ्रीका की अपरोक्ष रूप से मदद की.

मैच के बाद कप्तान विराट कोहली ने स्वीकार किया कि बारिश के चलते यजुवेंद्र चहल को गेंद पर ग्रिप बनाने में मुश्किल हो रही थी और यही वजह थी कि वे अप्रभावी नजर आए. अगर केपटाउन में मौसम ज्यादा खराब नहीं हुआ, तो भारतीय स्पिनरों को खेलना दौरे के आखिरी मैच में भी अफ्रीकी बल्लेबाजों के लिए आसान नहीं होगा. स्पिनरों के साथ तेज गेंदबाजों ने अपने प्रदर्शन से किसी तरह की शिकायत का मौका अपने चाहने वालों को नहीं दिया है.

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बता दें कि केपटाउन में अभी बादल छाए हुए हैं और बारिश की आशंका है. अगर ऐसा होता है, तो भारतीय टीम के फिरकीबाजों की चुनौती बढ़ जाएगी. और इसका फायदा मेजबान टीम को मिलेगा.

दबाव में है मेजबान टीम

इसमें कोई दो राय नहीं है कि टी-20 सीरीज में खेल रही अफ्रीकी टीम के पास अनुभव की कमी है. टीम का प्रभाव भारतीय टीम के सामने कमतर नजर आ रहा है. इसके साथ ही 'फाइनल' मुकाबले में स्थानीय दर्शकों के सामने मेजबान टीम जीत दर्ज कर 'अंत भला, तो सब भला' की कहावत को चरितार्थ करना चाहेगी, तो जाहिर है कि दबाव मेजबान टीम पर होगा.

अगर टीम ये मैच हारती है, तो उसके माथे लगातार दो सीरीज की हार का दाग होगा. और ये पच्चीस सालों के इतिहास में पहली बार होगा. दक्षिण अफ्रीका के पास अब्राहम डिविलियर्स, फाफ डू प्लेसिस और क्विंटन डी कॉक नहीं हैं, ऐसे में टीम को एक बार फिर डाला और क्लासेन जैसे युवा खिलाड़ियों से बड़ी उम्मीदें होंगी.

रीजा हैंड्रिक्स, डुमनी, क्लासेन, फरहान बेहरदीन और जेजे स्मट्स ने जहां एक ओर टीम की बल्लेबाजी की जिम्मेदारी संभाली है, वहीं डाला, क्रिस मौरिस, तबरेज शम्सी, जे. स्मट्स ने गेंदबाजी का जिम्मा संभाला हुआ है.

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टीमें :

भारत : विराट कोहली (कप्तान), रोहित शर्मा, शिखर धवन, लोकेश राहुल, सुरेश रैना, महेंद्र सिंह धौनी (विकेटकीपर), दिनेश कार्तिक, हार्दिक पांड्या, मनीष पांडे, अक्षर पटेल, युजवेंद्र चहल, कुलदीप यादव, भुवनेश्वर कुमार, जसप्रीत बुमराह, जयदेव उनादकट, शार्दूल ठाकुर.

दक्षिण अफ्रीका :  जीन पॉल ड्युम्नी (कप्तान), फरहान बेहरदीन, जूनियर डाला, रीजा हेंड्रिक्स, क्रिस्टियन जोंकर, हेनरिक क्लासेन (विकेटकीपर), डेविड मिलर, क्रिस मौरिस, डेन पीटरसन, एरॉन फांगिसो, अंदिले फेहुलकवायो, तबरेज शम्सी, जोन-जोन स्मट्स और जूनियर डाला.

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