पैरोडी अकाउंट से हुआ था अंबेडकर पर ट्वीट, लेकिन फंस गए पंड्या

पता चला है कि वह ट्वीट क्रिकेटर हार्दिक पंड्या के वेरिफाइड अकाउंट से नहीं बल्कि हार्दिक पंड्या के नाम से किसी फेक अकाउंट से किया गया था.

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हार्दिक पंड्या हार्दिक पंड्या

तरुण वर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 22 मार्च 2018,
  • अपडेटेड 4:24 PM IST

भारतीय संविधान के निर्माता बीआर अंबेडकर पर आपत्तिजनक ट्वीट को लेकर टीम इंडिया के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या के खिलाफ राजस्थान कोर्ट ने बुधवार को जोधपुर पुलिस को FIR दर्ज करने का आदेश दिया था.

लेकिन, अब यह पता चला है कि वह ट्वीट क्रिकेटर हार्दिक पंड्या के वेरिफाइड अकाउंट से नहीं बल्कि हार्दिक पंड्या के नाम से किसी फेक अकाउंट से किया गया था. यह ट्वीट @sirhardik3777 से किया गया, जबकि पंड्या का वेरिफाइड ट्विटर हैंडल @hardikpandya7 है.  शिकायत में कहा गया है कि यह ट्वीट @sirhardik3777 अकाउंट से 26 दिसंबर को किया गया था.

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@sirhardik3777 अकाउंट से पोस्ट किया गया कि, 'कौन आंबेडकर??? वही क्या जिसने दोगला कानून और संविधान बनाया या वो जिसने आरक्षण नाम की बीमारी देश में फैलाई.'

इसके बाद जोधपुर की एक निचली अदालत में हार्दिक पंड्या के खिलाफ FIR दर्ज करने के आदेश दिए थे. इसी सिलसिले में पंड्या के खिलाफ के खिलाफ जोधपुर की अदालत में SC-ST एक्ट के तहत इस्तगासा पेश किया गया था.

बता दें कि इसके बाद कोर्ट ने पंड्या पर FIR दर्ज करने के आदेश दिए . पंड्या पर FIR दर्ज करने के लिए कोर्ट पहुंचे एडवोकेट डीआर मेघवाल ने बताया था कि क्रिकेट खिलाड़ी हार्दिक पंड्या ने कुछ महीने पहले Twitter पर एक पोस्ट डालकर बीआर अंबेडकर के खिलाफ अपशब्द कहे थे.

मेघवाल ने कहा कि इस मामले में वह पहले लूणी पुलिस थाने में FIR कराने के लिए गए थे, लेकिन लूणी थानेदार ने FIR करने से इनकार कर दिया था.

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मेघवाल ने बताया कि थानेदार का कहना था कि वह इतने बड़े क्रिकेट खिलाड़ी के खिलाफ FIR दर्ज नहीं कर सकते हैं. इसके बाद मेघवाल अदालत पहुंचे और इस्तगासा पेश किया जिस पर बुधवार को कोर्ट में सुनवाई करते हुए हार्दिक पंड्या के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश दिए गए.

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