'दुनिया अब भरोसा नहीं करेगी...', बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को पूर्व अधिकारी ने जमकर सुनाया

आईसीसी ने बांग्लादेश को टी20 वर्ल्ड कप से आउट कर दिया है. अब बांग्लादेश की जगह आईसीसी ने स्कॉटलैंड को वर्ल्ड कप खेलने के लिए चुना है. स्कॉटलैंड को ग्रुप-सी में इटली, वेस्टइंडीज, नेपाल और इंग्लैंड के साथ रखा गया है.

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बांग्लादेशी टीम को टी20 वर्ल्ड कप से बाहर कर दिया गया है. (Photo: Getty) बांग्लादेशी टीम को टी20 वर्ल्ड कप से बाहर कर दिया गया है. (Photo: Getty)

aajtak.in

  • ढाका,
  • 24 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 3:58 PM IST

आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 को लेकर बांग्लादेश के ड्रामे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया. बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के पूर्व महासचिव और एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के पूर्व सीईओ सैयद अशरफुल हक़ ने इस विवाद को बांग्लादेश क्रिकेट के लिए बेहद नुकसानदायक बताया है.

सैयद अशरफुल हक का मानना है कि भारत में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप से हटने के बाद बांग्लादेश को अब विश्व क्रिकेट में एक 'संभावित ट्रबलमेकर' यानी परेशानी खड़ी करने वाले देश के तौर पर देखा जाएगा. उन्होंने कहा कि इस फैसले के दूरगामी नतीजे होंगे और बांग्लादेश को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट समुदाय में अलग-थलग किया जा सकता है.

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यह भी पढ़ें: बांग्लादेश की निकली अकड़... ICC ने T20 वर्ल्ड कप से किया बाहर, इस टीम की हुई एंट्री

बीसीबी ने खिलाड़ियों के साथ बैठक के बाद सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए  टी20 वर्ल्ड कप में ना खेलने का फैसला लिया था. बोर्ड का कहना है कि उसकी सुरक्षा चिंताओं को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने गंभीरता से नहीं लिया, जिसके चलते टीम को भारत ना भेजने का निर्णय लिया गया.

हालांकि ICC ने बांग्लादेश को अंतिम निर्णय लेने के लिए समय दिया था, लेकिन इसके बावजूद बोर्ड अपने रुख पर अड़ा रहा. अब बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को टूर्नामेंट में शामिल किया गया है. सैयद अशरफुल हक ने क्रिकबज से बातचीत में मौजूदा BCB प्रशासन पर तीखा हमला बोला.

उन्होंने कहा, 'यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि मौजूदा बोर्ड पूरी तरह उस सरकार के फैसले के अधीन है, जो कुछ हफ्तों में सत्ता में भी नहीं रहेगी. लेकिन जो नुकसान पीछे छूटेगा, वह लंबे समय तक बांग्लादेश क्रिकेट को प्रभावित करेगा.' उन्होंने कहा कि इस फैसले के बाद बांग्लादेश को क्रिकेट जगत में एक परेशानी पैदा करने वाले देश के रूप में देखा जाएगा, जिससे भविष्य में ICC और अन्य बोर्डों के साथ रिश्ते खराब हो सकते हैं.

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'खिलाड़ियों के सपने छीन लिए गए...'
सैयद अशरफुल हक ने यह भी कहा कि इस फैसले से सबसे बड़ा नुकसान खिलाड़ियों को हुआ है. उनके मुताबिक, 'एक आत्मसम्मान वाला क्रिकेट बोर्ड आईसीसी की सुरक्षा व्यवस्था खिलाड़ियों के सामने रखता और फैसला खिलाड़ियों पर छोड़ता. अगर खिलाड़ी खुद असुरक्षित महसूस करते, तो ना जाना सही होता. लेकिन यहां फैसला सरकार और बोर्ड ने लिया और खिलाड़ियों के जीवन भर के सपने छीन लिए गए.'

खेल सलाहकार आसिफ नजरुल ने साफ किया था कि बांग्लादेश भारत नहीं जाएगा, जबकि ICC ने आखिरी मौका दिया था. ICC पहले ही बांग्लादेश की श्रीलंका में मैच कराने की मांग खारिज कर चुका था और साफ कहा कि भारत में कोई विश्वसनीय सुरक्षा खतरा नहीं है.

इस बीच बीसीबी ने आईसीसी की विवाद समाधान कमेटी (DRC) का दरवाजा खटखटाया. हालांकि डीआरएसी ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड की अपील पर विचार नहीं किया. आईसीसी बोर्ड पहले ही टी20 वर्ल्ड कप 2026 के मूल शेड्यूल में किसी भी बदलाव के खिलाफ वोट कर चुका था.

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