पूर्व क्रिकेटर संजय बांगड़ के बेटे आर्यन बांगड़ की अब नई पहचान अनाया बांगड़ है. अनाया बांगड़ ने अब अपने जीवन के एक महत्वपूर्ण फैसले को सार्वजनिक करते हुए बताया है कि वह 14 मार्च को बैंकॉक में जेंडर-रिसाइनमेंट सर्जरी (Gender reassignment surgery) करवाने जा रही हैं. अनाया ने बाकायादा एक वीडियो में यह जानकारी दी.
अनाया ने कहा यह सर्जरी उन जैसी कई ट्रांसवूमन को कंर्फटेबल महसूस करने में मदद करती हैं. वहीं उन्होंने इस बारे में इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट भी लिखा और अपने निर्णय के बारे में जानकारी दी.
उन्होंने इस निर्णय को लेकर विस्तार से कहा कि यह कोई अचानक या भावनात्मक रूप से लिया गया कदम नहीं, बल्कि कई वर्षों की सुनियोजित और चिकित्सकीय रूप से निर्देशित प्रक्रिया का परिणाम है.
अनाया के अनुसार-पिछले कई सालों में उन्होंने मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन, नियमित थेरेपी, हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (HRT), विस्तृत मेडिकल असेसमेंट और दो पूर्व जेंडर-अफर्मिंग प्रक्रियाओं से गुजरकर इस चरण तक पहुंच बनाई है. हर कदम कानूनी ढांचे और मेडिकल विशेषज्ञों की निगरानी में पूरा किया गया.
उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रांजिशन एक संरचित, डॉक्यूमेंटेड और पेशेवर मार्गदर्शन में चलने वाली प्रक्रिया है, जिसे अक्सर लोग गलत तरीके से समझ लेते हैं. यह निर्णय लंबे आत्ममंथन, तैयारी और चिकित्सकीय सलाह के बाद लिया गया है.
अनाया ने बताया कि उनकी सर्जरी प्रसिद्ध सर्जन डॉ. चेट्टावुट द्वारा बैंकॉक में (Dr. Chettawut in Bangkok) की जाएगी और यह स्किन ग्राफ्ट वैजिनोप्लास्टी प्रक्रिया होगी. इस सर्जरी के बाद रिकवरी लंबी हो सकती है और पूरी तरह से ठीक होने में लगभग एक वर्ष तक का समय लग सकता है.
इस यात्रा में परिवार का साथ उनके लिए सबसे बड़ी ताकत बनकर सामने आया है. उन्होंने कहा कि अब उन्हें अपने परिवार, खासकर पिता का इमोशनल और फाइनेंशियल सपोर्ट प्राप्त है जो उनके लिए बेहद मायने रखता है.
अनाया ने अपने बयान में कहा कि यह कदम किसी को कुछ साबित करने के लिए नहीं, बल्कि अपने भीतर की पहचान और शरीर के बीच सामंजस्य स्थापित करने के लिए है,ताकि वह आखिरकार अपने शरीर में सहज और घर जैसा महसूस कर सकें.
उन्होंने यह भी बताया कि वह इस पूरी यात्रा और रिकवरी को जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ डॉक्युमेंट करेंगी, कि लोग इस प्रोसेस को समझ सकें.
क्या होती है Gender reassignment surgery ?
Gender assignment surgery को हिंदी में लिंग परिवर्तन सर्जरी, जेंडर अफर्मेशन सर्जरी या सेक्स रीअसाइनमेंट सर्जरी भी कहते हैं. कुछ लोग जन्म के समय जो लिंग (जेंडर) असल में होता है, उससे खुद को मैच नहीं कर पाते हैं. उनको दो चीजें लगती हैं
मैं तो लड़की हूं लेकिन शरीर लड़के जैसा है (ट्रांस वुमन)
या मैं तो लड़का हूं लेकिन शरीर लड़की जैसा है (ट्रांस मैन)
इस वजह से उन्हें बहुत मानसिक तकलीफ होती है, जिसे जेंडर डिस्फोरिया कहते हैं.
लिंग परिवर्तन सर्जरी का मतलब है, डॉक्टर सर्जरी करके शरीर को उस व्यक्ति की असली जेंडर पहचान के हिसाब से बदल देते हैं, ताकि शरीर और मन दोनों एक जैसे लगें और व्यक्ति को सुकून मिले. नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसन पर मौजूद जानकारी के अनुसार, इनमें ऊपर (छाती) और नीचे (जेनिटल) की सर्जरी शामिल हैं, जो ट्रांसजेंडर और नॉन-बाइनरी लोगों के लिए ट्रांज़िशन के जरूरी और अक्सर जान बचाने वाले हिस्से हैं.
2023 में हुई थी हार्मोन रिप्लेसमेंट सर्जरी
अनाया ने साल 2023 में उन्होंने हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (HRT) करवाई थी. अनाया ने 2025 में SheThePeople को दिए गए इंटरव्यू में अपनी सेक्सुअलिटी से जुड़े तमाम मुद्दों पर बात क थी. तब उन्होंने कहा था- जब मैं 8 साल की थी, मुझे लगता था कि जिस शरीर में मैं रहती हूं, वो मेरा नहीं है.
आईने में खुद को देखकर सोचती थी कि मैं लड़की हूं. मैं चुपके से मां के कपड़े पहनती और खुद से कहती, मैं वही बनना चाहती हूं, जो असल में मैं हूं.
अनाया ने तब यह भी कहा था- क्रिकेट मेरा पहला प्यार था. 3 साल की उम्र से खेलना शुरू किया...फिर मुंबई U-16, U-19 (कूच बिहार ट्रॉफी), इस्लाम जिमखाना और यूके के क्लब तक खेला. लेकिन मैदान पर भी लगता था कि मैं अपने सच को छुपा रही हूं. 2023 में मैंने हॉर्मोन थेरेपी शुरू की. ट्रीटमेंट से शरीर बदलने लगा और पहली बार लगा कि मैं अपने असली रूप के करीब हूं.
यह सफर आसान नहीं था. तकलीफ, खर्चा और अकेलापन सब झेलना पड़ा. पैसे बचाने के लिए कभी ड्रेसिंग रूम में सोई, तो कभी दोस्तों के कमरे में एयर मैट्रेस पर. माता-पिता ने दवाओं में मदद की, लेकिन बाकी सब मुझे अकेले करना पड़ा. अनाया ने कहा सबसे बड़ा दुख था क्रिकेट छोड़ना...
... कई लेवल पर खेला है क्रिकेट
अनाया (आर्यन) ने मुंबई के स्थानीय क्लब क्रिकेट में इस्लाम जिमखाना से खेलते हुए शुरुआत की थी. इसके बाद महज 18 साल की उम्र में उन्होंने इंग्लैंड की लीसेस्टरशायर लीग में हिंकले क्रिकेट क्लब का प्रतिनिधित्व किया. साल 2019 में उन्होंने नेशनल अंडर-19 (कूच बिहार ट्रॉफी) में पुडुचेरी की ओर से शानदार प्रदर्शन किया. जहां उन्होंने 5 मैचों में 150 के सर्वश्रेष्ठ स्कोर और दो अर्धशतकों की मदद से 300 रन बनाए और साथ ही 20 विकेट भी झटके. अनाया (आर्यन) बांगड़ के पिता संजय बांगड़ वर्तमान दौर के बेहतरीन क्रिकेट कोच माने जाते हैं. वो कमेंट्री भी करते हैं. 53 साल के संजय बांगड़ टीम इंडिया के बल्लेबाजी कोच भी रह चुके हैं, उन्होंने अपने करियर में भारत के लिए 12 टेस्ट और 15 वनडे खेले, जिसमें 650 रन और 14 विकेट लिए.
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