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Hrishikesh Kanitkar: PAK के खिलाफ एक चौके ने बना दिया था इस क्रिकेटर को हीरो... अब 'टीम इंडिया' को देगा कोचिंग

aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 20 दिसंबर 2021,
  • अपडेटेड 3:07 PM IST
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अंडर-19 वर्ल्डकप के लिए टीम इंडिया का ऐलान हो गया है. 14 जनवरी से वेस्टइंडीज़ में वर्ल्डकप की शुरुआत होनी है, टीम इंडिया की कप्तानी यश ढुल संभाल रहे हैं. लेकिन अब बीसीसीआई ने टीम इंडिया के कोच का भी ऐलान कर दिया है, ऋषिकेश कनितकर अंडर-19 वर्ल्डकप में भारतीय टीम के कोच की भूमिका निभाएंगे. 

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BCCI ने जानकारी दी है कि ऋषिकेश कनितकर अंडर-19 वर्ल्डकप में टीम इंडिया के कोच रहेंगे. जबकि सैराज बहुतुले बॉलिंग कोच और मुनीष बाली फील्डिंग कोच की भूमिका निभाएंगे. अगर हेड कोच ऋषिकेश कनितकर की बात करें तो उन्होंने टीम इंडिया के लिए कई मैच खेले हैं, लेकिन एक मैच जिसकी वजह से उनका नाम इतिहास में दर्ज हो गया वो पाकिस्तान के खिलाफ उनके द्वारा लगाया गया आखिरी बॉल पर चौका था.

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दरअसल, बांग्लादेश की आजादी को जब 25 साल पूरे हुए थे तब एक टूर्नामेंट का आयोजन किया गया. इसमें भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश की टीम ने हिस्सा लिया. टूर्नामेंट के फाइनल में भारत और पाकिस्तान ने जगह बनाई और फैसला बेस्ट ऑफ थ्री से होना तय हुआ. मोहम्मद अजहरुद्दीन की कप्तानी में टीम इंडिया फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ उतरी. 

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बेस्ट ऑफ थ्री के तीनों फाइनल ढाका में ही खेले गए, जिसके पहले मैच में भारत और दूसरे मैच में पाकिस्तान की जीत हुई. अब हर किसी की निगाहें तीसरे मैच पर टिकी थीं, क्योंकि ये असली फाइनल साबित हुआ था. ये मुकाबला 48 ओवर का हुआ और पहले बैटिंग का नंबर पाकिस्तान का था. तब पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाज सईद अनवर, जो भारत के खिलाफ हमेशा फॉर्म में ही नज़र आते थे उस दिन फिर उन्होंने कमाल दिखाया.

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पाकिस्तान की ओर से सईद अनवर ने 140, एजाज अहमद ने 117 रनों की पारी खेली और भारत को 315 रनों का टारगेट दिया गया. Silver Jubilee Independence Cup  जीतने के लिए ये लक्ष्य बड़ा था, जिसे सिर्फ 48 ओवर में पाना था. लेकिन सौरव गांगुली और सचिन तेंदुलकर की जोड़ी भारत को धमाकेदार शुरुआत दी, ये वो वक्त था जब दोनों ही बल्लेबाज अपने चरम पर थे.

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सचिन तेंदुलकर ने उस दिन 41 रन बनाए, सौरव गांगुली ने शानदार 124 और रॉबिन सिंह ने 82 रनों की पारी खेली. टॉप 3 बैटर्स की शानदार बल्लेबाजी के दम पर टीम इंडिया की जीत पक्की लग रही थी. लेकिन देखते ही देखते भारतीय टीम के विकेट गिरने लगे और स्कोर , 2-250 से 7-306 हो गया.  

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इन शानदार पारियों के बावजूद पूरी कहानी आखिरी ओवर और आखिरी बॉल तक जा पहुंची. टीम इंडिया को जीत के लिए तीन रन की जरूरत थी, ऋषिकेश कनितकर स्ट्राइक पर थे और सामने से पाकिस्तान के दिग्गज सकलैन मुश्ताक बॉलिंग कर रहे थे. ऋषिकेश ने 47.5 ओवर की बॉल पर चौका जड़ दिया और टीम इंडिया ये फाइनल मुकाबला जीत गई. बांग्लादेश के ढाका में हुए इस मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को मात दी, जो ऐतिहासिक था. 

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ऋषिकेश कनितकर ने अपने फर्स्ट क्लास करियर में 10 हजार से ज्यादा रन बनाए, भारत के लिए 34 वनडे खेले और दो टेस्ट मैच में भी दिखाई दिए. लेकिन उन सबके बावजूद ऋषिकेश कनितकर को उस विजयी चौके की वजह से ही याद किया जाता है. अब उनके कंधों पर अंडर-19 टीम को वर्ल्डकप जिताने की जिम्मेदारी दी गई है. 

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