भागीरथपुरा की घटना पर सुमित्रा महाजन का कहना है कि वे अब कम बाहर जाती हैं और वर्तमान स्थिति में लोगों से मिलने की परिस्थितियां ठीक नहीं हैं. उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने कार्यकाल की शुरुआत पार्षदी से की थी और कई चुनौतियों का सामना किया. प्रदेश में सरकार और कॉर्पोरेशन के बीच मुश्किलें होने के बावजूद उन्होंने सदैव जनता की सेवा में तत्परता दिखाई. इस दुर्घटना ने उन्हें बहुत दुखी किया है और वे निरंतर पार्षदों से संपर्क में हैं.