छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का कहना है कि जगरगुण्डा जो पहले इमली के बाजार के लिए जाना जाता था, वहां पर पहले जो बैंक था, वह नक्सलियों ने उड़ा दिया था. बैंक नष्ट होने के कारण लोग बैंकिंग सेवाओं के लिए साठ से सत्तर किलोमीटर दूर बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा जाना पड़ता था. लेकिन अब जगरगुण्डा में फिर से बैंक स्थापित हो चुका है, जिससे स्थानीय लोगों को बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं. अब तक लगभग छह सौ लोग इस बैंक में अपना खाता खुलवा चुके हैं.