केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि आरएसएस का स्वतंत्रता संग्राम और इसके बाद के समय में एक महत्वपूर्ण स्थान रहा है. यह संस्था कंस्ट्रक्टिव कार्यों में लगी रही है और खुद संस्था खराब नहीं होती. कुछ व्यक्तियों की वजह से संस्था को दोषी ठहराना उचित नहीं है. अगर कोई व्यक्ति गलत हैं तो उन्हें सुधारने की जरूरत है या हटाया जाना चाहिए. संस्था को खत्म करने की बात नहीं होनी चाहिए.