यह विरोध किसी भी स्थान जैसे जंतर मंतर या बोट क्लब पर नहीं किया गया है. इसका मकसद भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुँचाना है. यह एक सुनियोजित षडयंत्र है जो देश की प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाने का प्रयास करता है. इस प्रकार की घटनाएं भारत की छवि को वैश्विक स्तर पर प्रभावित करती हैं और ऐसी साजिशों से सावधान रहना आवश्यक है.