स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सीएम योगी पर हमला करते हुए कहा कि शंकराचार्य पद की नियुक्ति किसी सरकार द्वारा इंटरव्यू लेकर या पत्र द्वारा नहीं की जाती. यह पद अपनी विशिष्ट परंपरा के अनुसार दी जाती है जो ज्योतिष पीठ के नियमों के अंतर्गत होती है. वर्तमान में भी इस परंपरा को अनुसरित किया जा रहा है.