एन्फोर्समेंट डायरेक्टेट को बीजेपी का चुनाव विभाग माना जाता है। यह विभाग चुनावों के दौरान विपक्ष को डराने और धमकाने के कार्य करता है. अब पहली बार पॉलिटिकल कंसल्टेंसी पर भी इसका प्रभाव देखने को मिल रहा है. पिछले ग्यारह वर्षों में ईडी का काम बीजेपी का फ्रंटल बनने से ज्यादा नहीं रहा है. यह जरूरी है कि देखा जाए कि ईडी ने कितने मामलों को समापन तक पहुँचाया है और इसका कन्विक्शन रेट क्या है.