सर्वोच्च न्यायालय में आज हुई बहस में नए नियमों को लेकर कई महत्वपूर्ण पक्ष बताए गए। अदालत ने कहा कि ये नियम कई तरह के नकारात्मक परिणाम ला सकते हैं और समानता के सिद्धांत के विरुद्ध हैं। विशेष रूप से जुड़ी जातिगत भेदभाव की बात को लेकर कोर्ट ने चिंता जताई। थ्री बी और थ्री ई के लागू होने के बाद थ्री सी की आवश्यकता नहीं देखी गई है।