मुंबई को भारत का सबसे अमीर शहर माना जाता है, लेकिन यहां की करीब पचास प्रतिशत आबादी झोपड़पट्टियों में रह रही है. बीस साल पहले बाला साहेब ठाकरे की समिति ने इस समस्या को पूरी तरह से खत्म करने का ड्राफ्ट तैयार किया था, पर अब तक केवल चार प्रतिशत ही पूरा हुआ है. वर्तमान में देवेंद्र फडणवीस ने यह लक्ष्य रखा है कि सात साल के अंदर मुंबई के सभी झोपड़पट्टी क्षेत्रों का उन्नयन कर दिया जाएगा.