बेटे को याद करते हुए हरीश के पिता ने कहा, मैं डॉक्टर राकेश जी से मिला जो न्यूरो विशेषज्ञ हैं. उन्होंने मुझसे कोई सवाल नहीं पूछा और खड़े हो गए. मैंने उनसे कहा कि हम मरीज के पिता हैं और कुछ पूछना चाहते हैं. डॉक्टर ने पूछा कि बच्चे ने छलांग क्यों लगाई ? मुझे कुछ कहने का मौका नहीं मिला और मैं चुप रहा. उन्होंने कहा कि हिम्मत रखो क्योंकि कुछ चीज़ों पर इंसान का कंट्रोल नहीं होता.