मनीष तिवारी ने कहा कि अज्ञानता और अहंकार ऐसी भावनाएं हैं जो किसी भी व्यक्ति को ऊपर उठाने में नहीं बल्कि नीचे गिराने में काम आती हैं. जब इंसान खुद की गलतफहमी में डूब जाता है और अपने अहंकार में फंस जाता है तो वह आगे बढ़ने की बजाय पिछड़ जाता है. यह दोनों बातें व्यक्ति के विकास में बाधा डालती हैं और उसकी सोच को सीमित कर देती हैं. इसलिए व्यक्ति को चाहिए कि वह अपने अहंकार और अज्ञानता से बचकर सच्चाई और ज्ञान की ओर बढ़े ताकि उसका जीवन सफल और सकारात्मक हो सके.