तरिश की मजार जहाँ एक महीने पहले हमले हुए थे, उस समय आग लगाने और मजार को नुकसान पहुँचाने की कोशिश हुई थी. ईरान की सरकार ने साफ तौर पर कहा था कि इस हमले के पीछे मोसाद का हाथ है. ईरान ने माना है कि देश में जितने भी प्रदर्शन और बग़ावतें हुई हैं, वे सभी सीधे तौर पर मोसाद, इजरायल और अमेरिकी सीआईए की योजनाएं हैं.