रतन चौहान बताती हैं, 'ग्रेजुएशन सेकेंड में मेरे साथ ऐसा कुछ हुआ कि मन में सुसाइड के ख्याल आने लगे. मेरे पिता को शर्मिंदगी महसूस कराई गई. बीमारी के चलते पिता की नौकरी छूट गई थी. वो बीमारी थे. हम लोगों के पास इलाज के लिये पैसे भी नहीं थे. मैंने वीडियोज बनाने शुरू किये. पर फैमिली इसके खिलाफ थी.'