ममता बनर्जी जिन्होंने खुद एक महिला मुख्यमंत्री के रूप में संसद में हिस्सा लिया, उनके महिला आरक्षण बिल का विरोध करने के कारण पूरे देश की महिलाओं में नाराजगी फैल गई है. इससे महिलाओं की उम्मीदों को चोट पहुंची है क्योंकि यह बिल महिला सशक्तिकरण के लिए महत्वपूर्ण है. ममता दीदी वूमेन रिजर्वेशन बिल का विरोध करते हुए घिरे हैं और अब वह चुनाव में भी हिस्सा नहीं ले रही हैं.