भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने मनरेगा को समाप्त कर दिया है. इसका मतलब सिर्फ नाम बदलना नहीं बल्कि उसकी मूल भावना को पूरी तरह खत्म कर देना है. अब पंचायत प्रधानों और पंचायतों के हाथों से वह विशेष शक्तियाँ छिन गई हैं जो मनरेगा के अंतर्गत थीं. इस बदलाव से पंचायतों की भूमिका और प्रभाव दोनों ही कम हो जाएंगे.