अधिक मास के दौरान नए कार्यों की शुरुआत करने से बचना चाहिए क्योंकि यह समय शुभ नहीं माना जाता। इस अवधि में किसी निर्धन व्यक्ति को जल और फल का दान करना फलदायी होता है। ऐसा दान करने से मन को शांति मिलती है और समाज में सहानुभूति बढ़ती है। यह समय आत्मसंतोष और परोपकार की भावना से भरा होता है। अतः आज के दिन जरूरतमंदों की मदद करना बेहतर विकल्प है और इसे अपनाना चाहिए।