धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि हमारा उद्देश्य अधर्म के खिलाफ आवाज उठाकर धर्म की रक्षा करना है. केवल बंसी बजाने से काम नहीं चलता, बल्कि भगवान कृष्ण ने महाभारत जैसे युद्ध में चक्र सुदर्शन उठाकर अधर्म का सामना किया. प्रेम धर्म के खिलाफ नहीं चलता और जब राष्ट्र बचता है तभी धर्म की रक्षा संभव होती है.