छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में अबूझमाड़ जैसे अति संवेदनशील इलाके में आज भी छात्राओं को शौच के लिए जंगल जाना पड़ रहा है, जबकि बच्चे जर्जर स्कूल भवनों में पढ़ने को मजबूर हैं. स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय, कोहकामेटा का है. इस स्कूल में करीब 150 बच्चे पढ़ते हैं, लेकिन बुनियादी सुविधाओं का गंभीर अभाव है. छात्राओं का कहना है कि लड़कों के सामने शौच के लिए जाना उन्हें शर्मिंदगी में डाल देता है, लेकिन शिकायतों के बावजूद हालात नहीं बदले. इस दौरान उन्हें सांप-बिच्छू और जंगली कीड़ों का खतरा रहता है.