हमारा पहला कर्तव्य आर्थिक विकास को निरंतर बनाए रखना और उसे बढ़ाना है. इसके लिए छह क्षेत्र अत्यंत महत्वपूर्ण हैं. पहला, हमें अपने विनिर्माण क्षेत्रों को रणनीतिक सीमाओं की ओर विकसित करना होगा. दूसरा, हमारी परंपराओं को कायम रखना आवश्यक है. तीसरा, एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों) को प्रोत्साहित करना चाहिए ताकि वे चैंपियन बन सकें.