रोहित वेमला, जो कि हैदराबाद विश्वविद्यालय का छात्र था, उसकी मौत और आदिवासी मुस्लिम लड़की पायल तडवी की रैगिंग के कारण हुई मृत्यु ने गंभीर सामाजिक मुद्दे को जन्म दिया था. इनके लिए विशेष कानून बनाए गए थे ताकि ऐसी घटनाएं ना हों. लेकिन आज सुप्रीम कोर्ट में इन कानूनों और रेगुलेशनों को लागू करने में बाधाएं आ रही हैं. जबकि राजनीतिक पार्टियां अपनी ताकत का दावा करती हैं, फिर भी ये बातें सामने आती हैं कि कानूनों का सही कार्यान्वयन नहीं हो पा रहा है.