अखिलेश यादव ने कहा कि शेयर बाजार की बातें आम लोगों को समझना मुश्किल होता है. बीजेपी ऐसा बजट बनाती है जो केवल पाँच प्रतिशत लोगों के लिए होता है जो शेयर से जुड़ा मामला रखते हैं. इस प्रकार शेयर का मसला उन्हीं पांच प्रतिशत लोगों के साथ सीधे जुड़ा हुआ है. यह चर्चा शेयर बाजार की जटिलताओं और राजनीतिक फैसलों के प्रभाव को समझने में मदद करती है.