औरैया जिले के अजीतमल में 65 वर्षीय राकेश यादव 30 मार्च 2026 को अपने जीवित रहते हुए स्वयं का तेरहवीं संस्कार और भंडारा आयोजित कर रहे हैं. अविवाहित राकेश ने दो भाइयों की मृत्यु के बाद अकेलेपन और भविष्य में संस्कार करने वाला कोई न होने के कारण यह अनोखा निर्णय लिया.