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X-37B space plane: अंतरिक्ष में 908 दिन बिताकर लौटा अमेरिकी सेना का स्पेस प्लेन, बनाया नया रिकॉर्ड

aajtak.in
  • टालोहासी, फ्लोरिडा,
  • 13 नवंबर 2022,
  • अपडेटेड 8:34 PM IST
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अमेरिकी सेना के X-37B स्पेस प्लेन का छठा मिशन पूरा हो चुका है. रोबोटिक X-37B 12 नवंबर की सुबह 5:22 बजे नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर (NASA's Kennedy Space Center) फ्लोरिडा में उतरा. पंखों वाले इस प्लेन ने कक्षा में 908 दिन बिताए, जो कि एक रिकॉर्ड है. पिछली X-37B उड़ान की तुलना में यह समय चार महीने ज्यादा था. पिछली बार सबसे लंबा मिशन 780 दिनों तक चला था. (Photo: US Air Force)

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बोइंग (Boeing) के बनाए गए इस अंतरिक्ष विमान ने नए मिशन पर एक सर्विस मॉड्यूल चलाया था, जो अमेरिकी स्पेस फोर्स के X-37B प्रोग्राम के लिए पहला मॉड्यूल था. X-37B नासा के रिटायर हो चुके स्पेस शटल की तरह दिखता है, लेकिन यह बहुत छोटा है. यह केवल 29 फीट लंबा है, जबकी स्पेस शटल 122 फीट लंबा था और इसमें पायलट भी था. यही इन दोनों का सबसे बड़ा फर्क था, क्योंकि X-37B मानवरहित रोबोटिक यान है. (Photo: US Air Force)

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माना जाता है कि अमेरिकी स्पेस फोर्स के पास दो X-37B वाहन हैं, जो दोनों बोइंग ने बनाए हैं. अब तक इन दोनों ने 6 ऑर्बिट मिशन पूरे किए हैं. इन मिशन को OTV (Orbital Test Vehicle) भी कहा जाता है.

अब तक के मिशन

OTV-1: 22 अप्रैल 2010 को लॉन्च किया गया और 3 दिसंबर 2010 तक चला था (224 दिन).
OTV-2: 5 मार्च 2011 से 16 जून 2012 तक चला (468 दिन).
OTV-3: 11 दिसंबर 2012 से 17 अक्टूबर 2014 तक चला (674 दिन).
OTV-4: 20 मई 2015 से 7 मई 2015 तक चला (718 दिन).
OTV-5: सितंबर 7, 2017 से अक्टूबर 27, 2019 तक चला (780 दिन).
OTV-6: 17 मई, 2020 से 12 नवंबर, 2022 तक चला (908 दिन). (Photo: US Air Force)

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स्पेस फोर्स और बोइंग, X-37B को मुख्य रूप से एक टेस्टिंग प्लैटफॉर्म मानते हैं. इस वाहन की मदद से शोधकर्ता यह देख पाते हैं कि अंतरिक्ष में पेलोड कैसे काम करते हैं और फिर बाद में जमीन पर उनकी जांच की जाती है. स्पेस फोर्स ने इस वाहन की कक्षा के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है. न ही इस मिशन के बारे में बताया है, इसलिए इसे स्पेस फोर्स का रहस्यमयी मिशन कहा जा रहा है.  (Photo: US Air Force)

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OTV-6 में अमेरिकी नेवल रिसर्च लैब के Photovoltaic Radio-frequency Antenna Module का टेस्ट किया गया था. यह पिज्जा बॉक्स के आकार का डिवाइस है जिसे सौर ऊर्जा को माइक्रोवेव में बदलने के लिए डिज़ाइन किया गया है. इन माइक्रोवेव्स को बाद में पृथ्वी पर बीम किया जा सकता है. OTV-6 में अमेरिकी वायु सेना के कैडेटों द्वारा डिज़ाइन किया गया एक सैटेलाइट FalconSat-8 भी था, जो अपने खुद के 5 पेलोड लेकर गया था. X-37B ने अक्टूबर 2021 में FalconSat-8 को रवाना किया था और सैटेलाइट फिलहाल कक्षा में बना हुआ है. (Photo: AFP)

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OTV-6 ने नासा के कुछ एक्सपेरिमेंट भी किए. एक एक्सपेरिमेंट में पता किया गया कि पौधों के बीजों पर स्पेस रेडिएशन किस तरह असर डालता है और दूसरे में यह जानने की कोशिश की गई कि अलग-अलग मैटीरियल अंतरिक्ष के वातावरण में कैसी प्रतिक्रिया देते हैं. (Photo: Reuters)

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OTV-6 ने X-37B प्रोग्राम के लिए, ज्यादा अवधि के मिशन का रिकॉर्ड ज़रूर बनाया है, लेकिन यह अभी भी स्पेसफ्लाइट मार्क के करीब नहीं आया है. अर्थ ऑब्जर्वेशन और कम्यूनिकेशन सैटेलाइट करीब एक दशक या उससे भी ज्यादा समय तक पृथ्वी की कक्षा में काम करते रहते हैं. (Photo: AP)