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सुदूर गैलेक्सी से मिल रहा रहस्यमयी रेडियो सिग्नल संदेश, MIT वैज्ञानिकों का दावा

aajtak.in
  • टोरंटो,
  • 20 जुलाई 2022,
  • अपडेटेड 2:49 PM IST
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पिछले दो सालों में अमेरिका और चीन समेत कई देशों के वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष से आने वाले रहस्यमयी रेडियो सिग्नलों को पकड़ा है. लेकिन ये कुछ मिलिसेकेंड्स के लिए ही थे. इस बार सुदूर गैलेक्सी से आने वाले रेडियो सिग्नलों को मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) के वैज्ञानिकों ने दर्ज किया है. यह तीन सेकेंड तक सक्रिय था. यह बेहद विचित्र, ताकतवर और रहस्यमयी है. (फोटोः ALMA/ESO)

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यह एक तरह के रेडियो बर्स्ट (Radio Burst) है, यानी रेडियो तरंगों का विस्फोट जो कि ताकतवर रेडियो तरंगें धरती की ओर भेज रहा है. MIT के वैज्ञानिकों ने पुष्ट किया है कि ये सिग्नल हर 0.2 सेकेंड्स के गैप में तीन सेकेंड तक आता रहा है. इस गैप में किसी तरह का अंतर नहीं था. समयबद्ध तरीके से सिग्नल रिसीव हुए हैं. यानी इन्हें कहीं से निश्चित समय अंतराल में भेजा जा रहा है. या ये पैदा होकर धरती की ओर आ रही हैं. (फोटोः गेटी)

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इन रेडियो सिग्नलों के बारे में नेचर जर्नल में रिपोर्ट प्रकाशित हुई है. इन रेडियो तरंगों को द कैनेडियन हाइड्रोजन इंटेंसिटी मैपिंग एक्सपेरीमेंट (CHIME) ने रिकॉर्ड किया था. CHIME कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में मौजूद एक ताकतवर रेडियो टेलिस्कोप है. यह हाइड्रोजन की वजह से निकलने वाली रेडियो सिग्नलों को पकड़ने की क्षमता रखता है. (फोटोः गेटी)

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CHIME फास्ट रेडियो बर्स्ट (FRBs) को भी पकड़ सकता है. इसके अब तक सैकड़ों FRB को पकड़ा है. MIT के कैल्विन लिउंग, जुआन मेना पारा, कैटिलिन शिन, कियोशी मासुई और डैनिएल मिशिली ने इस रेडियो बर्स्ट पर स्टडी की है. मिशिली इन सिग्नलों की स्टडी करने वाली टीम के लीडर हैं. (फोटोः गेटी)

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CHIME ये रेडियो सिग्नल फरवरी से 21 दिसंबर 2019 के बीच पकड़े थे. उस समय मिशिली ही इन रेडियो सिग्नलों की स्टडी कर रहे थे. मिशिली ने बताया कि यह बेहद विचित्र रेडियो सिग्नल हैं. ये बहुत लंबे समय के लिए नहीं थे लेकिन 3 सेकेंड तक बने रहे. बीच-बीच में तय समय अंतराल में ये बेहद ताकतवर और तेज हो रहे थे. ये दिल की धड़कनों की तरह सही समय पर आ रहे थे. (फोटोः NASA)

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इस रेडियो बर्स्ट को FRB20191221A नाम दिया गया है. यह सबसे लंबे समय तक दर्ज किया जाने वाला रेडियो सिग्नल है. अभी तक वैज्ञानिक यह नहीं समझ पाए हैं कि FRB यानी फास्ट रेडियो बर्स्ट की उत्पत्ति कैसे होती है. हालांकि ये माना जाता है कि ये किसी रेडियो पल्सर (Radio Pulsar) या फिर मैग्नेटार (Magnetar) से पैदा होते हैं. मैग्नेटार तब बनता है जब दो न्यूट्रॉन स्टार आपस में टकराकर एक नए स्टार का निर्माण कर रहे होते हैं. (फोटोः पिक्साबे) 

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डैनिएल मिशिली ने बताया कि रेडियो सिग्नल जिस जगह से आ रहा है वो दूसरी गैलेक्सी है. यह धरती से करोड़ों प्रकाशवर्ष दूर है. मिशिली ने कहा कि ऐसी कई वस्तुएं हैं अंतरिक्ष में जो इस तरह के सिग्नल पैदा करते हैं, वो भी सही समय अंतराल पर. लेकिन हमें ज्यादा के बारे में पता नहीं है. हम लगातार खोज रहे हैं. (फोटोः पिक्साबे)

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इस समय भी  FRB20191221A की उत्पत्ति की स्टडी की जा रही है. ताकि उसके बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी जमा की जा सके. इन रेडियो सिग्नलों की खोज ये बताती है कि कुछ बहुत अजीबोगरीब हो रहा है, जो हमने पहले कभी नहीं देखा है. हमें इन सिग्नलों के सहारे ब्रह्मांड की स्टडी करने का मौका मिल रहा है. (फोटोः NASA)

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