ग्लोबल वार्मिंग के बढ़ते खतरे से दुनिया अब अनजान नहीं है. वर्ल्ड मेट्रो लॉजिकल ऑर्गनाइजेशन कह रही है कि 2025 अब तक का सबसे गर्म साल रहा है, तो वहीं रूस में इस बार बर्फबारी ने लगभग डेढ़ सौ साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. Photo: AFP
मास्को में इस बार इतनी बर्फबारी हुई है जिसे दुनिया में अब तक का पांचवा सबसे ज्यादा बर्फबारी का दौर करार दिया गया . मास्को का कहना है कि इस बार बर्फबारी ने पिछले 146 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. Photo: AFP
मास्को के मेयर के दफ्तर ने कहा है कि इस बार वीकेंड पर एक मिलियन क्यूबिक मीटर बर्फबारी हुई है. हालांकि राष्ट्रीय मौसम विभाग के मुताबिक बुधवार को यानी आज और बर्फबारी की संभावना जताई गई है. Photo: AP
मास्को से जो तस्वीरें सामने आयी हैं उसमें सड़क के किनारे कई जगहों पर 810 फीट ऊंचे बर्फ के टीलों जैसी स्थिति बनती दिख रही है. रूस के हाइड्रो मेट्रो लॉजिकल सेंटर के डेटा के मुताबिक अकेले नौ जनवरी को अब तक का सबसे ज़्यादा बर्फबारी का दिन के तौर पर दर्ज किया गया. Photo: AP
रूसी मौसम विभाग के मुताबिक़ इसके पहले इस तरह की बर्फबारी 4 फरवरी 2018 को देखी गई थी. इससे पहले चौदह दिसंबर 1989 और जनवरी 1970 में भी ऐसी बर्फबारी देखी गई थी. 1976 में भी इसी तरह की बर्फ़बारी देखी गई थी. Photo: AP
वीकेंड पर हुई बर्फबारी के बाद मास्को 30 से 40 सेंटीमीटर तक हो गई है जबकि मॉस्को में कई जगहों पर 50 सेंटीमीटर से ज्यादा बर्फबारी दर्ज हुई है. रूसी मौसम विभाग के मुताबिक इस बार बर्फबारी ने 146 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. Photo: Reuters
जलवायु परिवर्तन के चलते कहीं पर तापमान अधिक हो रहा है तो कहीं पर बर्फबारी ज्यादा हो रही है जिसे एक्सट्रीम वेदर कंडीशन कहा जाता है. फिलहाल भारी बर्फबारी के चलते मास्को में जनजीवन अस्त व्यस्त है इसका असर एमरजेंसी सेवाओं पर भी पड़ रहा है. Photo: AFP
स्थानीय प्रशासन की ओर से तमाम तैयारियां की गई है. भूमध्यसागर से आने वाले साइक्लोन के चलते मास्को में भारी बर्फबारी हुई है. नौ जनवरी तक जो आर्द्रता है वो अपने चरम पर थी. Photo: Reuters